शोभित विश्वविद्यालय गंगोह: किसान गोष्ठी में कृषि की नवीन तकनीकों और स्वरोजगार पर हुआ मंथन

शोभित विश्वविद्यालय गंगोह: किसान गोष्ठी में कृषि की नवीन तकनीकों और स्वरोजगार पर हुआ मंथन

गंगोह: शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड एनवायरमेंटल साइंसेज विभाग की ओर से मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को श्री जे.पी. माथुर सभागार में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों, किसानों, कृषि विशेषज्ञों, उद्यान विभाग एवं विभिन्न सरकारी संस्थानों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर कृषि की नवीन तकनीकों, सरकारी योजनाओं, उद्यमिता और रोजगार की संभावनाओं पर सार्थक संवाद स्थापित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं बाबू विजेंद्र कुमार की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय की ओर से अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर एवं पटका पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर रितु शर्मा ने किया।

गोष्ठी में स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड एनवायरमेंटल साइंसेज की विभागाध्यक्ष डॉ. शिवानी ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत करते हुए अतिथियों, किसानों, अधिकारियों, एफपीओ प्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने किसान गोष्ठी के उद्देश्य एवं कृषि क्षेत्र में इसके महत्व पर प्रकाश डाला।

इस दौरान प्रो. (डॉ.) राजबीर सिंह, गोचर महाविद्यालय रामपुर मनिहारान, एफपीओ प्रतिनिधि अंकुर शर्मा, अनुभवी मधुमक्खी पालक तंजीम अंसारी और प्रगतिशील किसान सतवीर ने अपने अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि कृषि से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का पौधों और भूमि के प्रति आत्मीय लगाव होना चाहिए। विद्यार्थियों को कृषि को केवल रोजगार का साधन न मानकर प्रकृति, समाज और राष्ट्र की प्रगति से जुड़ी जिम्मेदारी के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

वक्ताओं ने किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ उच्च-मूल्य वाली फसलों की ओर बढ़ने की सलाह दी। आम, अमरूद और नाशपाती के अलावा विभिन्न मसाला फसलों, विशेष रूप से लहसुन की खेती, को भी लाभकारी बताया गया। मधुमक्खी पालन जैसे कृषि आधारित व्यवसायों को भी आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में अपनाने पर जोर दिया गया।

जिला उद्यान अधिकारी, सहारनपुर गमपाल सिंह और जिला कृषि अधिकारी, सहारनपुर कपिल मवि ने युवाओं को कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण आधारित इकाइयां स्थापित कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्र युवाओं और किसानों से समय रहते आवेदन करने का आह्वान किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) बूटा सिंह सिद्धू, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) महिपाल सिंह और संस्था के केयरटेकर सूफी जहीर अख्तर ने गोष्ठी के आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक और कौशल आधारित शिक्षा प्रदान कर कृषि क्षेत्र में रोजगार एवं उद्यमिता के लिए तैयार करना भी है।

कार्यक्रम के अंत में असिस्टेंट प्रोफेसर रोहित कुमार सैनी ने सभी अतिथियों, किसानों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। किसान गोष्ठी को सफल बनाने में विभाग के सभी शिक्षकगण का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

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