पंजाब चुनाव से पहले BJP ने खेला ‘तुरूप का पत्ता’, उतरेंगे नितिन नवीन और शाह
बीजेपी पंजाब में अगली साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश भर में आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की तैयारी में है. इसको लेकर बीजेपी नशे के खिलाफ प्रदेश भर में अलग अलग जगहों से चार यात्राएं निकालने जा रही है. 18 सितंबर से ये यात्राएं शुरू होंगी और तकरीबन दो हफ्ते तक पूरे प्रदेश में घूमेंगी. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन यात्रा की शुरुआत करेंगे. वही गृहमंत्री अमित शाह भी नशे के खिलाफ इस यात्रा में शामिल होंगे.
चार क्षेत्रों से एक साथ शुरू होंगी यात्राएं
बीजेपी ने पंजाब को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने की योजना बनाई है. चारों यात्राएं प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से एक साथ शुरू होंगी और अपने-अपने मार्ग में आने वाले विधानसभा क्षेत्रों, कस्बों और गांवों तक पहुंचेंगी.
उत्तर क्षेत्र में यात्रा की शुरुआत पठानकोट के लखनपुर/माधोपुर से होगी. सीमा से सटे इस क्षेत्र से शुरू होने वाली यात्रा के जरिए उत्तर पंजाब के विभिन्न इलाकों को कवर किया जाएगा.
वहीं, मालवा क्षेत्र में दूसरी यात्रा तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो से शुरू होगी. मालवा पंजाब का एक बड़ा राजनीतिक और भौगोलिक क्षेत्र है और इस यात्रा के माध्यम से क्षेत्र के अधिक से अधिक विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा.
तीसरी यात्रा श्री आनंदपुर साहिब/फतेहगढ़ साहिब क्षेत्र से शुरू होगी. इस यात्रा के जरिए पंजाब के अन्य महत्वपूर्ण इलाकों को कवर करते हुए लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा.
चौथी यात्रा भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे फाजिल्का स्थित वीर भूमि स्मारक से रवाना होगी. इस यात्रा के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में भी नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान को व्यापक रूप देने की योजना है.
117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने का लक्ष्य
सूत्रों के मुताबिक, करीब दो हफ्तों तक चलने वाली इन चारों यात्राओं का प्रमुख लक्ष्य पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचना है. पार्टी की कोशिश होगी कि यात्रा के दौरान अधिक से अधिक लोगों, स्थानीय संगठनों, युवाओं और सामाजिक समूहों को अभियान से जोड़ा जाए.
बीजेपी के प्रचार रथ भी इन यात्राओं का हिस्सा होंगे. ये प्रचार रथ प्रदेश के गांव-गांव और अलग-अलग स्थानीय क्षेत्रों तक पहुंचेंगे तथा लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे.अभियान के दौरान नशे से होने वाले सामाजिक नुकसान, युवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव और परिवारों पर इसके दुष्प्रभाव को लेकर लोगों के बीच जागरूकता पैदा करने पर जोर रहेगा.बीजेपी इस अभियान के जरिए नशे के खिलाफ केवल राजनीतिक या संगठनात्मक कार्यक्रम तक सीमित रहने के बजाय इसे जनभागीदारी से जोड़ने की कोशिश करेगी. पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर समाज के विभिन्न वर्गों को अभियान में शामिल करने की योजना है.
चारों यात्राएं प्रदेश के अलग अलग इलाकों से गुजरने के बाद जालंधर में एक साथ मिलेंगी. यात्राओं के समापन पर बीजेपी एक बड़ी रैली की तैयारी कर रही है. इस रैली में पार्टी के बड़े नेता शामिल होंगे. इस यात्रा और रैली के जरिए पार्टी प्रदेश भर में चुनाव से पहले माहौल तैयार करने की कोशिश में है.
