रामलला दर्शन से पहले यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नजरबंद, पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच वार्ता जारी

रामलला दर्शन से पहले यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नजरबंद, पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच वार्ता जारी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय

अयोध्या। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Ajay Rai को अयोध्या में कथित तौर पर नजरबंद किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस का आरोप है कि भगवान रामलला के दर्शन के लिए प्रस्तावित यात्रा को रोकने के उद्देश्य से पुलिस ने यह कार्रवाई की है, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

जानकारी के अनुसार, अजय राय मंगलवार, 30 जून को राम मंदिर में दर्शन करने वाले थे। इसके लिए वह सोमवार, 29 जून को ही अयोध्या पहुंच गए थे और रायगंज क्षेत्र स्थित पद्मश्री पैलेस में ठहरे हुए थे। कांग्रेस के मुताबिक, सोमवार देर रात करीब 11:40 बजे पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर गई।

बताया जा रहा है कि अजय राय को पूरी रात Acharya Narendra Deva University of Agriculture and Technology परिसर में रखा गया। फिलहाल कांग्रेस नेताओं और पुलिस प्रशासन के बीच बातचीत जारी है।

कांग्रेस ने लगाया सरकार पर आरोप

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर सोमवार देर रात जारी बयान में कहा गया कि प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल अयोध्या में भगवान रामलला के दर्शन के लिए जा रहा था। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस यात्रा से घबराकर राज्य सरकार ने कांग्रेस नेताओं को रोकने की कार्रवाई शुरू कर दी।

कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि प्रतापगढ़ के जिला कांग्रेस अध्यक्ष नीरज कुमार को भी सोमवार देर रात बिना स्पष्ट कारण बताए नजरबंद कर दिया गया।

“श्रीराम पूरे देश की आस्था के प्रतीक” : कांग्रेस

कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि भगवान श्रीराम किसी एक राजनीतिक दल या विचारधारा की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि पूरे देश की आस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। पार्टी ने श्रद्धालुओं को अयोध्या जाने से रोकने को असंवैधानिक करार देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से दमनात्मक कार्रवाई बंद करने और कांग्रेस नेताओं को तत्काल रिहा कर दर्शन की अनुमति देने की मांग की।

अजय राय की पत्नी का सरकार पर हमला

अजय राय की पत्नी रीना राय ने भी इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति की आवाज को दबाने के लिए सरकार किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

रीना राय ने कहा, “मेरे पति को पुलिस अपने साथ ले गई है और अब उनके सहयोगियों को अलग-अलग जानकारियां देकर भ्रमित किया जा रहा है। हमारी लड़ाई जारी रहेगी। यदि मेरे पति के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार की होगी।”

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे कई वरिष्ठ नेता

कांग्रेस के अनुसार, अयोध्या जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के अलावा कई सांसद, विधायक और पूर्व जनप्रतिनिधि शामिल थे। इनमें सांसद Kishori Lal Sharma, सांसद Tanuj Punia, सांसद Rakesh Rathore, सांसद Ujjwal Raman Singh, विधायक वीरेंद्र चौधरी, पूर्व सांसद ए.पी. गौतम तथा पूर्व एमएलसी दीपक सिंह शामिल थे।

इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी माहौल गर्म हो गया है।