आशा कार्यकत्रियों ने उठाई एकमुश्त मानदेय की मांग, समाधान न हुआ तो लखनऊ कूच
सहारनपुर। जनपद की आशा कार्यकत्रियों ने प्रदेश सरकार से एकमुश्त निर्धारित मानदेय देने और अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कथित आर्थिक एवं मानसिक शोषण पर रोक लगाने की मांग की है। सोमवार को हकीकत नगर स्थित रामलीला मैदान में नवयुग दृष्टि ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष संजय वालिया के नेतृत्व में आशा कार्यकत्रियों की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में आशा कार्यकत्रियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में नारे लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उन्हें सहयोग और योजनाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन निचले स्तर के अधिकारियों द्वारा उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
संजय वालिया ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। इसके बावजूद अधिकारी स्तर पर कर्मचारियों के उत्पीड़न की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, होमगार्ड और शिक्षामित्रों की तरह आशा कार्यकत्रियों के लिए भी निर्धारित मानदेय की व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आशा कार्यकत्रियां स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन वर्तमान में उन्हें काम के आधार पर मानदेय दिया जाता है। उनका कहना था कि आशाओं को काम के अनुसार भुगतान के बजाय एक निश्चित मासिक मानदेय दिया जाए और किसी भी स्तर पर उनके आर्थिक एवं मानसिक शोषण को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 5 अक्टूबर को दोबारा बैठक कर समस्याओं की समीक्षा की जाएगी। आशा कार्यकत्रियों ने चेतावनी दी कि यदि तब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे अपनी मांगों को लेकर लखनऊ कूच करेंगी।
बैठक में ममता पारुल, पूजा, बबीता, शमीया, कमलेश, मिथिलेश, पूनम, सीमा, माया, गीता, लता, अंजनी, लतेश, सोनिया, सुलोचना, प्रीति, सुमन, प्रियंका, अलका, वीना, सुशीला, रीना, राकेश, शीतल, सुजाता, मौसम, प्रवेश, गीता देवी, रेखा, नीति, कृष्णा, सविता, रविता, लता पुंडीर, आशा, प्रमिला शर्मा, गुलशन, रैना भारती, सुदेश, ममता और पिंकी देवी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।
