‘जिस हद तक गिर सकते थे गिर गए’, गोरखपुर में संजयन त्रिपाठी का वीडियो शेयर कर बोले अखिलेश
सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय राजीव यादव ने किया मतगणना का बहिष्कार, अखिलेश ने अधिकारियों की भूमिका पर भी उठाए सवाल
लखनऊ/गोरखपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के गोरखपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव ने मतगणना में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसका बहिष्कार कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एमएलसी चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
डॉ. संजयन त्रिपाठी को हराने की साजिश का आरोप
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए भाजपा और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव जीतने के लिए भाजपा और उसके सहयोगियों ने सभी मर्यादाएं पार कर दी हैं।
अखिलेश ने दावा किया कि डॉ. संजयन त्रिपाठी को हराने के लिए सुनियोजित साजिश रची गई, जो अब सबके सामने आ चुकी है। उन्होंने कहा कि मतगणना में कथित गड़बड़ी के पीछे केवल संजयन त्रिपाठी का समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार होना ही कारण नहीं है, बल्कि इसके पीछे ‘हाता नहीं भाता’ की राजनीति भी है।
उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि इतनी बड़ी कथित जालसाजी के बाद जनता समझ चुकी है कि भाजपा वास्तव में हर सीट पर हारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपाई वोट से नहीं, बल्कि खोट से चुनाव जीतते हैं।
डॉ. त्रिपाठी के आंसू शिक्षक समाज नहीं भूलेगा: अखिलेश
पूर्व मुख्यमंत्री ने डॉ. संजयन त्रिपाठी के कथित उत्पीड़न का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया है, उसे पूरा समाज देख रहा है। उनके आंसुओं को प्रदेश का शिक्षक समाज कभी नहीं भूलेगा।
अखिलेश यादव ने शिक्षकों के प्रति भाजपा सरकार के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में शिक्षकों को सम्मान के बजाय अपमान मिला है। यहां तक कि शिक्षकों से चारा इकट्ठा कराने जैसे अवांछित कार्य करवाने का भी षड्यंत्र किया गया।
2027 में भाजपा को हराकर शिक्षक पूरा करेंगे गुरु संकल्प
सपा प्रमुख ने आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के शिक्षक 2027 में भाजपा को हराकर अपना ‘गुरु संकल्प’ पूरा करेंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा की ‘चार सौ बीसी’ प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर नहीं चलने वाली है। समाजवादी पार्टी डॉ. संजयन त्रिपाठी और उनके समाज के साथ होने वाले हर अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ मजबूती से खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी।
तीन चरणों तक ठीक हुई मतगणना, फिर अचानक बदला रुझान: संजयन त्रिपाठी
उधर, गोरखपुर में सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि शुरुआती तीन चरणों तक वोटों की गिनती सही तरीके से चल रही थी। इसके बाद अचानक भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में एकतरफा वोट निकलने लगे और चुनाव का पूरा रुझान बदल गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह अचानक मतगणना का ट्रेंड बदला, उससे ऐसा प्रतीत हुआ कि सब कुछ पहले से तय था। इसी के विरोध में उन्होंने मतगणना का बहिष्कार करने का निर्णय लिया।
निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने भी मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए बहिष्कार किया।
गोरखपुर शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर सामने आए इन आरोपों के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। हालांकि, मतगणना में धांधली और चुनाव प्रभावित करने के आरोप प्रत्याशियों तथा समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
