अभिजीत दीपके की केंद्र सरकार को चेतावनी, वादे पूरे नहीं हुए तो फिर शुरू होगा छात्र आंदोलन
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर छात्रों और युवाओं से किए गए वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर आंदोलन की चेतावनी दी है। पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके ने कहा कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान सरकार की ओर से किए गए आश्वासनों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यदि जल्द प्रगति नहीं दिखाई गई तो संगठन दोबारा देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करने पर विचार करेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर साधा निशाना
रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP नेताओं ने कहा कि सरकार अक्सर आंदोलन खत्म कराने के लिए वादे करती है, लेकिन बाद में उन्हें लागू करने में देरी करती है। अभिजीत दीपके ने कहा कि युवाओं और छात्रों से किए गए वादों का सम्मान होना चाहिए और उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए बार-बार अनुरोध किया गया, लेकिन अब तक आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। उनके मुताबिक, सरकार को इस दिशा में जल्द कदम उठाने चाहिए।
‘युवाओं का भरोसा नहीं टूटना चाहिए’
अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि सरकार अपने वादों को कमजोर करने, उनमें देरी करने या उन्हें अलग तरीके से प्रस्तुत करने की कोशिश करती है, तो यह युवाओं के विश्वास के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन वापस लेने का फैसला सरकार और CJP प्रतिनिधिमंडल की संयुक्त बातचीत के बाद लिया गया था, इसलिए समझौते की भावना का सम्मान होना चाहिए।
24 अगस्त की बैठक में अगली रणनीति
CJP ने घोषणा की कि संगठन 24 अगस्त को एक अहम बैठक करेगा, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में नए आंदोलन, विरोध कार्यक्रमों और आगामी कदमों पर चर्चा की जाएगी। संगठन ने संकेत दिए हैं कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है।
छात्रों और समर्थकों से तैयार रहने की अपील
पार्टी ने देशभर के छात्रों, युवाओं और समर्थकों से आगामी कार्यक्रमों के लिए तैयार रहने को कहा है। CJP का कहना है कि जब तक युवाओं से जुड़े मुद्दों और वादों पर पूरी तरह अमल नहीं होता, तब तक उनका अभियान जारी रहेगा।
अभिजीत दीपके के खिलाफ दर्ज हुई FIR
इस बीच, महाराष्ट्र के लातूर जिले में अभिजीत दीपके और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, उन पर बिना अनुमति एक सरकारी स्कूल परिसर में प्रवेश करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और शिक्षकों को कथित रूप से धमकाने के आरोप लगाए गए हैं। यह मामला जिला परिषद उर्दू स्कूल की एक शिक्षिका की शिकायत पर औसा पुलिस थाने में दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
