दूसरे दिन भी कांग्रेस नेताओं के घरों पर पुलिस का सख्त पहरा
वोट चोरी के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली कूच रोकने का आरोप
सहारनपुर। वोट चोरी के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के आह्वान पर दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कांग्रेस नेताओं और पदाधिकारियों के घरों पर दूसरे दिन भी पुलिस की निगरानी रही। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कई नेताओं को उनके घरों में हाउस अरेस्ट कर दिल्ली जाने से रोकने का प्रयास किया।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा और महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेसजनों को दिल्ली रवाना होना था। कांग्रेस के अनुसार, रविवार शाम से ही पुलिस ने पार्टी के पदाधिकारियों और नेताओं के घरों पर पहुंचकर उन्हें रोकने की कार्रवाई शुरू कर दी थी।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा के बेहड़ा संदल सिंह स्थित आवास पर भी रविवार रात से पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि, उनके घर पर मौजूद नहीं होने के कारण पुलिस उन्हें हाउस अरेस्ट नहीं कर सकी। कांग्रेस के मुताबिक, प्रशासनिक प्रतिबंधों के बावजूद संदीप सिंह राणा सैकड़ों कार्यकर्ताओं और दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ दिल्ली पहुंचे और प्रदर्शन में सहारनपुर की भागीदारी दर्ज कराई।
कांग्रेस के अनुसार, संदीप सिंह राणा के नेतृत्व में प्रदर्शन में शामिल वरिष्ठ कांग्रेस नेता हमजा मसूद, सांसद प्रतिनिधि संदीप वर्मा, डॉ. रागिब अज्जूम, डॉ. मोनिस खान, रजनीश प्रधान रंडौल, भानु प्रताप सिंह राणा, युवा कांग्रेस महानगर अध्यक्ष शेखर चौधरी, नितिन राणा और पवन राणा समेत अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेकर बस में बैठाया।
दिल्ली पहुंचने वाले कांग्रेस नेताओं में पूर्व प्रदेश सचिव प्रवीण चौधरी, अक्षय चौधरी, सरदार चंद्रजीत सिंह निक्कू, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष गौरव वर्मा, सेवादल जिला अध्यक्ष अमित शर्मा और एससी-एसटी विभाग के जिलाध्यक्ष मुनीष सहगल आदि शामिल रहे।
वहीं, कांग्रेस के पूर्व विधायक मसूद अख्तर जब रविवार को अपने समर्थकों के साथ दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी थाना कुतुबशेर पुलिस उनके आवास पर पहुंच गई और उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। कांग्रेस का दावा है कि कुछ कार्यकर्ता प्रशासनिक रोक के बावजूद किसी तरह दिल्ली के लिए रवाना हो सके।
हाउस अरेस्ट किए गए कांग्रेस नेताओं में पूर्व विधायक मसूद अख्तर, महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी मेहरबान आलम, पूर्व प्रदेश सचिव अशोक सैनी, जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, जिला उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी नितिन शर्मा, एससी-एसटी विभाग के प्रदेश महासचिव अरविंद पालीवाल और महानगर कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी हरिओम मिश्रा के नाम शामिल हैं।
कांग्रेस जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा ने पुलिस कार्रवाई को भाजपा सरकार की दमनकारी नीति बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गैरसंवैधानिक तरीके से हाउस अरेस्ट कर दिल्ली जाने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई लड़ रही है। गणेश दत्त शर्मा ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की विदाई तय है और लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के लिए केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ भी जनता अपना फैसला सुनाएगी।
