सांस्कृतिक आयोजन एक-दूसरे को समझने और जानने का अवसर देते हैं: जसवंत सैनी
मेला गुघाल की सांस्कृतिक श्रृंखला में ‘एक शाम पूर्वांचल के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन
सहारनपुर। श्री जाहरवीर गोगा जी महाराज की स्मृति में आयोजित मेला गुघाल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में नगर निगम की ओर से ‘एक शाम पूर्वांचल के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्वांचली संस्कृति, लोकगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियों ने देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा। भोजपुरी और फिल्मी गीतों पर दर्शक जमकर झूमे।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के संसदीय कार्य राज्यमंत्री जसवंत सैनी, महापौर डॉ. अजय कुमार, नगर विधायक राजीव गुंबर, मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष दिग्विजय चौहान, मेला संयोजक संजय सैनी, सह संयोजक ज्योति अग्रवाल, दल नेता राजेंद्र कोहली, पूर्व उपसभापति मुकेश गक्खड़, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मानवीर सिंह पुंडीर, नगर महामंत्री किशोर शर्मा, कार्यक्रम संयोजक एवं पार्षद शिव मंगल सिंह सहित पूर्वांचल महासभा के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित और रिबन काटकर किया।
कार्यक्रम में पूर्वांचली गीतों के गायक भोला पांडेय और प्रीति ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। मयूरी के नृत्य ने भी दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। भोजपुरी गीत ‘गोरी तेरी चुनरी बा लाल लाल रे…’, लोकगीत ‘बाली उमरिया में ब्याह के आयी…’ तथा फिल्मी गीत ‘डम-डम डिगा-डिगा, मौसम भीगा-भीगा…’ और ‘तेरे नाम का दीवाना, तेरे घर को ढूंढ़ता है…’ सहित कई प्रस्तुतियों पर लोग देर तक झूमते रहे। भाजपा नेत्री सरोज शर्मा और सपना ठाकुर ने भी गायिका प्रीति के साथ नृत्य किया। वहीं करन चौहान के डांस ने भी खूब वाहवाही लूटी।
विविधता में एकता भारत की पहचान
मुख्य अतिथि राज्यमंत्री जसवंत सैनी ने ‘छठी मैया की जय’ और ‘भारत माता की जय’ के जयघोष के बीच पूर्वांचल समाज को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के लोग साहसी होते हैं और अपनी बात रखने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। भारत की सबसे बड़ी विशेषता उसकी विविधता में एकता है। देश में अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन विभिन्न भाषा-भाषी लोगों को एक-दूसरे को समझने और जानने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजन आपसी मेलजोल और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।
महापौर डॉ. अजय कुमार ने कहा कि पूर्वांचल के लोगों का जीवन गंगा के जल की तरह है, जहां पहुंचते हैं, वहां मंगल का वातावरण बनता है। लिट्टी-चोखा और ठेकुआ की मिठास पूर्वांचल की पहचान है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल समाज जिस संस्कृति और मिठास को लेकर आया है, उसे आगे भी जीवंत बनाए रखना चाहिए।
नगर विधायक राजीव गुंबर ने पूर्वांचल की माटी को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने पूर्वांचल समाज से बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के लोगों ने उन्हें हमेशा प्यार दिया है। यहां के लोग सरल स्वभाव के होते हैं और अपनी संस्कृति एवं विरासत को आज भी मजबूती से संभाले हुए हैं।
महानगर अध्यक्ष शीतल बिश्नोई ने कहा कि हम सभी उस माला के मोती हैं, जिनसे मिलकर भारत बनता है। देश की संस्कृति जितनी मजबूत होगी, विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने का रास्ता उतना ही मजबूत होगा।
अतिथियों का किया अभिनंदन
कार्यक्रम से पूर्व पूर्वांचल महासभा के भूपेंद्र, पीएन मधुकर, जयपाल, राजा यादव, राजा ठाकुर, रामसकल यादव, ठाकुर बसंत सिंह, राजीव सिंह, हेमंत यादव, कदम प्रधान, दानिश, विनोद राय, अरविंद राणा और सोनू सिंह आदि ने सभी पार्षदों एवं अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
