छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के प्रति किया जागरूक, अधिकारियों ने बताए कानूनी अधिकार
सहारनपुर। विधिक सेवा प्राधिकरण, दीवानी न्यायालय के निर्देशानुसार पॉक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकता अभियान के तहत एसएएम इंटर कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों एवं विधिक विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों, उनके अधिकारों और किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जिला जज विकास गुप्ता ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को अपने साथ होने वाले किसी भी प्रकार के गलत स्पर्श (बैड टच) या शारीरिक शोषण को चुपचाप सहन नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में बच्चों को तुरंत अपने माता-पिता या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए। यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो पुलिस को सूचना देकर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कानून में कठोर प्रावधान किए गए हैं।
डिप्टी काउंसिल अजेश कुमार शर्मा एडवोकेट ने कहा कि बच्चों को किसी भी परेशानी की स्थिति में बिना डर अपनी समस्या की जानकारी संबंधित लोगों तक पहुंचानी चाहिए। उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कानून में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं और शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को यह भी समझाया कि कानून का जिम्मेदारी से उपयोग करना चाहिए और किसी निर्दोष व्यक्ति को झूठे आरोप में नहीं फंसाना चाहिए। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में पीड़ित की पहचान एवं संबंधित जानकारी को गोपनीय रखने के प्रावधान हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यक्रम में दी गई महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी से छात्र-छात्राओं को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों में अपने अधिकारों और सुरक्षा को लेकर जागरूकता होना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में अपर जिला जज लखविंद्र सिंह सूद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती मीनल चावला, मनोज कुमार काकरान, शिक्षिका नेहा सैनी सहित अन्य न्यायिक एवं विधिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन चीफ ऑफिसर एवं प्रवक्ता ब्रिजेश पुंडीर ने किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने पॉक्सो अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
