हिरासत से छूटे CJP नेता आशुतोष रांका, बोले- ‘असम पुलिस की कार्रवाई अवैध थी’
गुवाहाटी: असम पुलिस ने रविवार, 27 सितंबर को गुवाहाटी में हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक और प्रवक्ता आशुतोष रांका समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को देर रात रिहा कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, रांका और 40 से अधिक CJP कार्यकर्ताओं को पार्टी की क्षेत्रीय स्वयंसेवक बैठक से पहले हिरासत में लिया गया था।
रिहाई के बाद आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि असम पुलिस की ओर से की गई कथित ‘अवैध हिरासत’ खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस से उन्हें उसी जगह छोड़ने के लिए कहा है, जहां से उन्हें हिरासत में लिया गया था। रांका के मुताबिक, वह सचिवालय के सामने चौधरी टीला से ही मीडिया को संबोधित करेंगे।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा पर लगाए आरोप
हिरासत में लिए जाने से पहले मीडिया से बातचीत में रांका ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार CJP की ओर से असम के स्कूलों की स्थिति, काजीरंगा, जल-जंगल-जमीन और बाढ़ जैसे मुद्दों को उठाए जाने से चिंतित है।
रांका ने आरोप लगाया कि काजीरंगा में स्थानीय लोगों के अधिकार प्रभावित किए जा रहे हैं और जल, जंगल तथा जमीन को कॉरपोरेट्स को दिया जा रहा है। उन्होंने असम में बाढ़ को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और इसे ‘मैन-मेड फ्लड’ बताते हुए जांच की मांग से जुड़े अपने रुख को दोहराया। ये आरोप रांका और CJP की ओर से लगाए गए हैं; उपलब्ध रिपोर्टों में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चुनाव और परिसीमन को लेकर भी उठाए सवाल
आशुतोष रांका ने असम विधानसभा चुनाव से जुड़े परिसीमन और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि एक गांव के लोगों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में बांटा गया और इसके जरिए चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की गई। इन दावों को भी CJP नेता के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
इससे पहले CJP की क्षेत्रीय बैठक से पहले पुलिस ने गुवाहाटी में कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। CJP ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे शांतिपूर्ण बैठक रोकने की कार्रवाई बताया था।
रिहाई के बाद रांका ने संकेत दिया कि वह चौधरी टीला पहुंचकर पूरे मामले पर अपनी बात रखेंगे।
