DUSU के नतीजों पर CJP की पहली प्रतिक्रिया, सौरव दास बोले- ‘ये याद रखना चाहिए कि…’

DUSU के नतीजों पर CJP की पहली प्रतिक्रिया, सौरव दास बोले- ‘ये याद रखना चाहिए कि…’

नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में ABVP के अध्यक्ष समेत तीन पदों पर जीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह संयोजक सौरव दास ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि छात्रों का बहुमत मौजूदा शासन के खिलाफ है, लेकिन विपक्ष के अलग-अलग हिस्सों में बंटे होने का लाभ सत्ता पक्ष को मिल रहा है।

सौरव दास ने कहा कि चुनाव में जीत हासिल करने वाले उम्मीदवारों को यह समझना चाहिए कि उन्हें छात्रों के बहुमत का समर्थन हासिल नहीं हुआ है। उनके मुताबिक, विपक्षी वोटों के बंटवारे के कारण मौजूदा शासन को फायदा मिलता है। उन्होंने विजयी उम्मीदवारों को यह भी याद रखने की सलाह दी कि छात्रसंघ के पद उन्हें ‘राजा या रानी’ नहीं बनाते।

कांग्रेस को संगठन मजबूत करने की सलाह

सौरव दास ने कांग्रेस और उसके संगठनात्मक ढांचे को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को CJP को निशाना बनाने के बजाय अपनी संगठनात्मक व्यवस्था को दुरुस्त करने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने पिछले 12 वर्षों से चल रही सुधार प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। उन्होंने DUSU चुनाव में NSUI का टिकट नहीं मिलने के बावजूद उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने वाले बागी उम्मीदवार का उदाहरण भी दिया।

विपक्षी एकता पर भी उठाए सवाल

दास ने विपक्षी एकता को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने वामपंथी दलों के बीच वैचारिक मतभेदों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी एकता में शामिल कुछ लोग वैचारिक शुद्धता और अपनी विशिष्टता पर जरूरत से ज्यादा जोर दे रहे हैं।

उनका कहना था कि विपक्षी दलों को जमीनी राजनीतिक वास्तविकताओं को समझने की जरूरत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि विपक्ष की एकता इसी तरह बनी रही तो संबंधित दलों के विपक्ष में ही बने रहने की स्थिति आगे भी जारी रह सकती है।

DUSU चुनाव के नतीजों के बाद सौरव दास की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब छात्र राजनीति में संगठन, विपक्षी एकता और चुनावी रणनीति को लेकर विभिन्न दलों के बीच बहस तेज है।

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