11 अक्टूबर को देवबंद से उठेगी सामाजिक एकजुटता की आवाज, ब्राह्मण-भूमिहार महाकुंभ की तैयारियां तेज
एक लाख से अधिक लोगों के जुटने का दावा, सामाजिक कुरीतियों और सुधार के मुद्दों पर होगा मंथन
देवबंद। 11 अक्टूबर को देवबंद की धरती पर प्रस्तावित ब्राह्मण-भूमिहार महाकुंभ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समिति के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी के नेतृत्व में आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि 11 अक्टूबर को होने वाला महाकुंभ समाज की एकजुटता और सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों और सामाजिक चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की जाएगी। खास तौर पर दहेज प्रथा, शादी-विवाह में बढ़ते अनावश्यक खर्च और पगड़ी की रस्म में होने वाले ब्रह्म भोज जैसे मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ सामाजिक परंपराओं में सकारात्मक बदलाव लाना जरूरी है। साथ ही युवा पीढ़ी को सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना भी महाकुंभ के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम के माध्यम से समाज के लोगों को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक करते हुए सामूहिक रूप से सकारात्मक पहल के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कई राज्यों से पहुंचेंगे समाज के लोग
आयोजकों के अनुसार महाकुंभ में उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों से समाज के लोग शामिल होंगे। समिति की ओर से एक लाख से अधिक लोगों के जुटने का दावा किया गया है। संभावित भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर आवागमन, पार्किंग, बैठने और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
प्रदेश अध्यक्ष त्यागी ने बताया कि महाकुंभ को लेकर गांव-गांव संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। आसपास के जनपदों में निमंत्रण भेजे जा रहे हैं, जबकि समिति की अलग-अलग टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि महाकुंभ का उद्देश्य केवल बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र करना नहीं है, बल्कि समाज के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों पर सामूहिक संवाद और विचार-विमर्श का मंच तैयार करना है। दहेज प्रथा और अन्य सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में समाज के लोगों से ठोस पहल करने का आह्वान भी किया जाएगा।
कार्यक्रम स्थल के निरीक्षण के दौरान हरिओम त्यागी, मुखिया के तुषार त्यागी, ऋषभ त्यागी, महिपाल त्यागी, बिजेंद्र त्यागी और नरेंद्र प्रधान समेत समिति के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
