‘बिना किसी हिचकिचाहट के…’, न्यायधीशों के खिलाफ शिकायतों पर क्या बोले CJI सूर्यकांत
कहा- न्यायपालिका में सुधार लगातार जारी रहना चाहिए, जनता का भरोसा सबसे जरूरी
नई दिल्ली। भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि न्यायाधीशों के खिलाफ शिकायतों से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्टों ने एक मजबूत, प्रभावी और समय पर कार्रवाई करने वाला तंत्र विकसित किया है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में सुधार की प्रक्रिया लगातार चलती रहनी चाहिए और किसी भी संस्था के लिए एक ही स्थिति में बने रहना उचित नहीं है।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित छठे राम जेठमलानी स्मृति व्याख्यान में ‘न्याय होता हुआ दिखना चाहिए : कानूनी व्यवस्था के आधार के तौर पर पारदर्शिता और जनता का भरोसा’ विषय पर मुख्य भाषण देते हुए सीजेआई ने न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जनता के विश्वास के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता समय-समय पर किसी भी संस्था को हो सकती है और न्यायपालिका भी इसका अपवाद नहीं है। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि शिकायतों से निपटने की व्यवस्था को लेकर वह पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्टों द्वारा विकसित तंत्र मजबूत, बेहद प्रभावी और समय पर कार्रवाई करने वाला है।
‘सुधार ही नियम होना चाहिए’
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि सुधार ही नियम होना चाहिए। कोई भी संस्था एक ही स्थिति में बने रहकर लंबे समय तक न तो टिक सकती है और न ही उस पर गर्व किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ संवेदनशील मुद्दों पर सार्वजनिक मंच से प्रतिक्रिया देना उचित नहीं होता।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश चाहे अंतरिम आदेश दे रहा हो या अंतिम फैसला, उसके काम से शिकायतें सामने आ सकती हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या हर शिकायत को किसी सार्वजनिक मंच या वेबसाइट पर रखा जाना चाहिए अथवा उसके लिए एक मजबूत आंतरिक तंत्र होना चाहिए।
निष्पक्ष और जिम्मेदार व्यवस्था पर जोर
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि शिकायतों से निपटने के लिए आंतरिक व्यवस्था पूरी निष्पक्षता, बिना किसी पूर्वाग्रह और जिम्मेदारी के साथ काम करने वाली होनी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि ऐसा तंत्र अच्छी तरह स्थापित है, लेकिन इसमें सुधार और गुणवत्ता बढ़ाने की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और हरीश साल्वे ने भी प्रशासनिक सुधारों से जुड़े मुद्दे उठाए। जेठमलानी ने दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से नकदी मिलने के आरोपों से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया था।
