महंगाई पर सुप्रिया श्रीनेत का सरकार पर हमला, बोलीं- WPI का असर जल्द दिखेगा
नई दिल्ली। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने थोक महंगाई दर (WPI) को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगस्त में थोक महंगाई दर 9.92 प्रतिशत तक पहुंच गई है और पिछले चार महीनों से यह करीब 10 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है। उन्होंने कहा कि WPI महज एक प्रेस रिलीज नहीं है, बल्कि इसका असर आगे चलकर आम लोगों की जिंदगी पर दिखाई देता है।
सुप्रिया श्रीनेत ने दावा किया कि फ्यूल और एनर्जी से जुड़ी महंगाई में पेट्रोल, डीजल, LPG और बिजली की कीमतों का असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अभी महंगाई का दबाव फैक्ट्रियों और ट्रांसपोर्ट में दिखाई दे रहा है, जो धीरे-धीरे घरेलू बजट तक पहुंचेगा।
बेरोजगारी और कम आय का भी उठाया मुद्दा
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि महंगाई का असर इसलिए भी गंभीर है क्योंकि देश में बेरोजगारी बढ़ी हुई है और मजदूरी दर कम है। उनके मुताबिक, लोगों की आय और घरेलू बचत पर भी दबाव है। उन्होंने दावा किया कि कई परिवार अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए सोना तक गिरवी रखने को मजबूर हैं।
गांवों में महंगाई का असर ज्यादा: सुप्रिया
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार अपनी आय का बड़ा हिस्सा भोजन, ईंधन और परिवहन पर खर्च करते हैं, ऐसे में इनकी कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर उनकी जिंदगी पर पड़ता है।
उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए महंगाई और बेरोजगारी को लेकर पुराने लोकप्रिय गीत का जिक्र किया और कहा कि आज के हालात में इसके बोल बदलने पड़ेंगे।
पीएम मोदी से पूछा- महंगाई पर वीडियो कब आएगा?
सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे के दौरान विकास और ग्रोथ से जुड़े बयानों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि जब महंगाई की मार से आम जनता परेशान है तो सरकार इस पर कब जवाब देगी। उन्होंने ग्रोथ के आंकड़ों और महंगाई के बीच संबंध पर भी सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।
उन्होंने कच्चे तेल की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा हुआ तो देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए, लेकिन बाद में कच्चे तेल की कीमत घटने के बावजूद खुदरा कीमतों में उसी अनुपात में कमी नहीं की गई। उन्होंने सरकार पर मुनाफाखोरी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए।
