BRICS Summit में गूंजा भाईचारे का संदेश, अजमेर शरीफ के गद्दी नशीन बोले- ‘कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक ही पैगाम’
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में शनिवार, 12 सितंबर से 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो रही है। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई देशों के शीर्ष नेता एक मंच पर नजर आएंगे। BRICS Summit के बीच देशभर के कई आध्यात्मिक और धार्मिक नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।
अजमेर शरीफ दरगाह के गद्दी नशीन हाजी सैयद सलमान चिश्ती भी BRICS Summit में शामिल होने पहुंचे। उन्होंने आपसी भाईचारे, सौहार्द और मानवता का संदेश दिया।
‘कश्मीर से कन्याकुमारी तक प्यार का संदेश’
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में सलमान चिश्ती ने कहा कि BRICS Summit के दौरान पूरे भारत से आध्यात्मिक नेता एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक सदियों से भारत की धरती का संदेश रहा है कि सभी से प्रेम करें और किसी से नफरत न करें।
उन्होंने कहा कि भारत में पूरी दुनिया के लोगों का एक साथ जुटना अपने आप में बड़ा संदेश है। दुनिया के अलग-अलग देशों के नेता यहां आए हैं और इस दौरान भारत की ओर से न्याय, करुणा, दया और एकता के मूल्यों का संदेश दिया जा रहा है।
‘पूरी दुनिया एक परिवार है’
सलमान चिश्ती ने कहा कि दुनिया को एक परिवार के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया एक परिवार है और हम सब मिलकर सबकी सेवा कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि अन्याय के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए और भारत ने हमेशा न्याय, करुणा, दया तथा एकता जैसे मूल्यों को महत्व दिया है।
ईरानी राष्ट्रपति ने की भारत की तारीफ
BRICS Summit के दौरान भारत के कई धार्मिक नेताओं और बुद्धिजीवियों को ईरानी दूतावास की ओर से भी आमंत्रित किया गया। अजमेर शरीफ दरगाह के अलावा कई अन्य धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भारत के धार्मिक नेताओं और बुद्धिजीवियों को संबोधित करते हुए भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेहमाननवाजी की तारीफ की।
उन्होंने कहा कि भारत के साथ उनकी अच्छी बातचीत हुई है और उम्मीद है कि यह संवाद दोनों देशों के बीच संस्कृति, टेक्नोलॉजी, व्यापार, विज्ञान और अर्थव्यवस्था समेत कई क्षेत्रों में सहयोग और आपसी समझ को और मजबूत करने का रास्ता खोलेगा।
