शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में आदर्श शिक्षक दिवस पर विविध कार्यक्रम आयोजित
गंगोह। शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह में शनिवार को शिक्षक दिवस को “आदर्श शिक्षक दिवस” के रूप में मनाया गया। विश्वविद्यालय द्वारा प्रतिवर्ष भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन तथा विश्वविद्यालय की संरक्षिका परम आदरणीय श्रीमती आदर्श विजेंद्र जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में यह आयोजन किया जाता है।
इस वर्ष कार्यक्रम का शुभारंभ कुंवर शेखर विजेंद्र आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं रिसर्च सेंटर में हवन के साथ हुआ। इसके बाद मेडिकल कैंपस के हर्बल गार्डन में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत छायादार और फलदार पौधों का रोपण किया गया।

मुख्य समारोह का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) बी.एस. सिद्धू, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) महिपाल सिंह, संस्था के केयरटेकर सूफी जहीर अख्तर, डीन हेल्थ साइंसेज प्रो. (डॉ.) रणजीत सिंह, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं ने मां सरस्वती और बाबू विजेंद्र कुमार जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद सरस्वती वंदना और विश्वविद्यालय कुलगीत का सामूहिक गायन हुआ। कार्यक्रम में सभी शिक्षकों को तिलक लगाकर सम्मानित किया गया। मंच संचालन एम.फार्मा की छात्रा निशा सैनी ने किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
विश्वविद्यालय के जे.पी. माथुर ऑडिटोरियम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। बीएनवाईएस ग्रुप ने प्रभावशाली योग प्रस्तुति दी, जबकि जैनब ने भक्तिमय गुरु वंदना प्रस्तुत की। विशाल, अभिषेक और दक्षिता के सुरीले गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
आकाशी, अनन्या, तानिया, खुशबू और जैनब की नृत्य प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में रंग भर दिया। वहीं मुसैतिर के भावपूर्ण काव्य पाठ की भी सराहना की गई।
इस अवसर पर डीन स्कूल ऑफ एजुकेशन प्रो. (डॉ.) प्रशांत कुमार ने “सामाजिक विकास एवं राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका” विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने समाज और राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका तथा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया।

शिक्षकों ने दिखाई अपनी छिपी प्रतिभा
कार्यक्रम में ‘द हिडन टैलेंट्स ऑफ फैकल्टी मेंबर्स’ सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने अपनी कलात्मक एवं बौद्धिक प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया। प्रो. (डॉ.) रणजीत सिंह, प्रो. (डॉ.) नामित वशिष्ठ, प्रो. (डॉ.) गुंजन अग्रवाल, डॉ. राजीव उपाध्याय यायावर, अजय शर्मा और रितु शर्मा की प्रस्तुतियों ने सभी को प्रभावित किया।
संस्था के केयरटेकर सूफी जहीर अख्तर ने अपने संबोधन में मां आदर्श विजेंद्र जी के जीवन दर्शन, उच्च विचारों और समाज सेवा में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। वहीं डीन हेल्थ साइंसेज प्रो. (डॉ.) रणजीत सिंह ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन मूल्यों, विचारों और भारतीय शिक्षा व्यवस्था में उनके योगदान को विस्तार से बताया।

शिक्षक विद्यार्थी के जीवन को देते हैं सही दिशा : कुलपति
कुलपति प्रो. (डॉ.) बूटा सिंह सिद्धू ने अपने संबोधन में मां आदर्श विजेंद्र जी को याद करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र के अनेक महान व्यक्तित्वों के जीवन में उनकी माताओं के संस्कार और शिक्षाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मां जीवन के प्रारंभिक चरण में दिशा देती है और उसके संस्कार जीवनभर मार्गदर्शन करते हैं।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार शिक्षक भी विद्यार्थी के जीवन को सही दिशा देने, उसकी प्रतिभा को पहचानने और उसे बेहतर इंसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आदर्श शिक्षक दिवस हमें उन सभी गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है, जिन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ अनुशासन, संवेदनशीलता, नैतिक मूल्यों और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कुलपति ने कार्यक्रम की सफलता के लिए आयोजन समिति के सभी सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के अंतिम सत्र में कुलसचिव प्रो. (डॉ.) महिपाल सिंह ने आयोजन को सफल बनाने वाले सभी शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और सामूहिक छायाचित्र के साथ हुआ। इसके अलावा मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच तथा महिला स्टाफ के बीच रस्साकशी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो. (डॉ.) विकास कुमार शर्मा, प्रो. (डॉ.) आरिफ नसीर, प्रो. (डॉ.) जसवीर सिंह राणा, डॉ. अनिल रॉयल, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. नितिन कुमार, डॉ. शगुफ्ता मल्होत्रा, डॉ. अखिल, डॉ. गरिमा वर्मा, डॉ. जूही अग्रवाल, प्रदीप शर्मा, अजय शर्मा, रितु शर्मा, अंशिका अग्रवाल, स्वाति राजौरा, विकास कुमार, महेंद्र कुमार, आयुषी अग्रवाल, वित्त-लेखा अधिकारी जसवीर सिंह और एस्टेट ऑफिसर गौरव मित्तल सहित अन्य का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) राजीव दत्ता, प्रो. (डॉ.) तरुण कुमार शर्मा, प्रो. (डॉ.) वरुण बंसल, डॉ. सोमप्रभ दुबे, डॉ. कुशाग्र गोयल, डॉ. उस्मान खान, डॉ. शिवानी, डॉ. विश्वास सैनी, अनिल जोशी सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

