कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद पर चला बुलडोजर, न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई
सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद के खिलाफ प्रशासन ने शुक्रवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। प्रशासन के मुताबिक, राजस्व अभिलेखों में जिस जमीन पर मस्जिद बनी थी, वह सरकारी भूमि के रूप में दर्ज है। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की।
मस्जिद को लेकर विवाद मार्च 2025 में शुरू हुआ था। मामला करीब डेढ़ साल तक सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में चला। इसके बाद जिला जज की अदालत में भी इस मामले की 17 तारीखों पर सुनवाई हुई। 2 सितंबर 2026 को जिला जज सत्येंद्र कुमार ने मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा।
अदालत ने अपने 26 पन्नों के फैसले में मस्जिद को अवैध मानते हुए उसे ध्वस्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रशासन ने शुक्रवार को मौके पर बुलडोजर तैनात कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी भूमि को खाली कराने के लिए कार्रवाई की जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी की पांच बटालियन और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
शिकायत के बाद शुरू हुई थी जांच
मस्जिद को लेकर बजरंग दल के पूर्व प्रदेश संयोजक विकास त्यागी ने तत्कालीन जिलाधिकारी मनीष बंसल से शिकायत की थी। शिकायत में परिसर में बने कमरों और डाकघर से किराया वसूली समेत कई आरोप लगाए गए थे। इसके बाद जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट को मामले की जांच के निर्देश दिए थे।
मुस्लिम नेताओं ने जताया विरोध, हाईकोर्ट जाने का ऐलान
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, कैराना सांसद इकरा हसन और पूर्व सांसद हाजी फजलुर रहमान ने विरोध किया है। नेताओं ने कार्रवाई को संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए इसे “काला दिन” करार दिया।
मुस्लिम नेताओं ने कहा कि वे प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख करेंगे। इस बीच प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
