शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस करेगी बड़ी बैठक, सभी दलित सांसद होंगे शामिल
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद को लेकर अब पार्टी बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के अपमान के मुद्दे को लेकर अगले हफ्ते सोमवार (7 सितंबर, 2026) को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में SC सांसदों की एक बड़ी बैठक करने वाली है. इस अहम बैठक में कांग्रेस पार्टी के सभी 15 दलित सांसद शामिल होंगे.
वहीं, बैठक के बाद सभी सांसद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात भी कर सकते हैं.
बेंगलुरु में मामले को लेकर FIR दर्ज
इस मामले को लेकर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के विधान सौधा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. इस FIR में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उत्तराखंड इकाई के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को नामजद किया गया है.
किन धाराओं में एफआईआर हुई दर्ज?
एफआईआर के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान को लेकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी SC/ST एक्ट, सिविल राइट्स प्रोटेक्शन एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
जेपी नड्डा को पत्र लिखकर क्या बोले खरगे?
राज्यसभा में नेता सदन श्री @JPNadda को पत्र लिखकर हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कराए गए शुद्धीकरण (purification) के गंभीर मामले में उनके द्वारा सदन में दिए गए आश्वासन की मैंने याद दिलाई है और आग्रह किया है कि इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
24 दिन बीत जाने… pic.twitter.com/QWtFACaSg6
— Mallikarjun Kharge (@kharge) September 3, 2026
इसके अलावा, कांग्रेस के राष्ट्रीय मल्लिकार्जुन खरगे ने खुद 8 अगस्त, 2026 को उत्तराखंड के हल्द्वानी जिले में हुई अपनी रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण के मुद्दे पर एफआईआर दर्ज न कराए जाने को लेकर राज्यसभा में नेता सदन और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को एक पत्र भेजा है.
खरगे ने गुरुवार (3 सितंबर, 2026) को लिखे अपने पत्र में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने पत्र में लिखा, ‘मैंने राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा को चिट्ठी लिखकर हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कराए गए शुद्धिकरण के गंभीर मामले में उनकी तरफ से सदन में दिए गए आश्वासन की याद दिलाई है.’
उन्होंने आगे कहा, ‘मेरी मांग स्पष्ट है कि राज्यसभा सदन में दिए गए आश्वासन के आलोक में आप मुख्यमंत्री उत्तराखंड को निर्देशित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान पर हुए शुद्धीकरण की इस घटना में संलिप्त व्यक्तियों और संगठनों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करें.’
