‘STF नहीं, स्वजातीय टॉर्चर फोर्स’, अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला; फर्जी एनकाउंटर और जातीय भेदभाव के लगाए आरोप
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को योगी आदित्यनाथ सरकार पर जाति के आधार पर भेदभाव करने का गंभीर आरोप लगाया। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में जाति के आधार पर फर्जी एनकाउंटर किए गए और समाज के पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक यानी PDA वर्ग को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए मुख्यमंत्री की STF को ‘स्वजातीय टॉर्चर फोर्स’ बताया।
‘जाति देखकर होते हैं एनकाउंटर’
सपा प्रमुख ने पुलिस कार्रवाई और कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में एनकाउंटर की कार्रवाई भी जाति से प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के भीतर भी PDA वर्ग से जुड़े लोगों के साथ कथित तौर पर अन्याय किया जा रहा है।
अखिलेश ने बदायूं में पुलिस हिरासत में एक दलित युवक की मौत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बता रही है, जबकि CCTV फुटेज में दिखाई देने वाली घटनाएं पुलिस के दावे से मेल नहीं खातीं।
उन्होंने बदायूं के पुलिस थानों में अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाया और दावा किया कि जिले के 22 थानों में से 10 के प्रभारी मुख्यमंत्री की जाति से आते हैं।
वाराणसी की घटना का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने वाराणसी में रामजनम नाम के एक दलित व्यक्ति की कथित पीट-पीटकर हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की जाति से जुड़े लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिन मामलों को फर्जी एनकाउंटर बताया जा रहा है, उनकी भी जांच होनी चाहिए। अखिलेश ने दावा किया कि भविष्य में जब उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होगा तो मौजूदा सरकार के कार्यकाल में हुई ऐसी घटनाओं की जांच कराई जाएगी।
वोटर लिस्ट को लेकर BJP पर लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर भी भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP मतदाता सूची में एक और संशोधन अभियान चलाने की तैयारी कर रही है।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि SIR (Special Intensive Revision) के बाद BJP चुनाव से पहले एक और रिविजन कराने की योजना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखंड समेत दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश आए लोगों को मतदाता के रूप में पंजीकृत करने की कोशिश की जा सकती है।
अखिलेश ने कहा कि उन्होंने पहले SIR के बाद फॉर्म-7 भरा था। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी का बूथ स्तर पर चुनावी अभियान मंगलवार से शुरू होने जा रहा है।
निवेश और स्कूलों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
सपा अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश सरकार के निवेश संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार निवेश और MoU की बात करती है, लेकिन यह देखना जरूरी है कि वास्तव में जमीन पर कितने निवेश प्रस्ताव लागू हुए हैं।
अखिलेश ने कहा कि कुछ उद्योगपति अभी भी सरकार से नाखुश हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार द्वारा उद्योगपतियों के साथ किए गए निवेश MoU वास्तव में कितने प्रभावी साबित हुए हैं।
शिक्षा के मुद्दे पर भी अखिलेश ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में स्कूल बंद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करेगी और कथित तौर पर बंद किए गए 26 हजार स्कूलों का मुद्दा उठाएगी।
अखिलेश यादव के इन आरोपों से उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर जातीय प्रतिनिधित्व, पुलिस कार्रवाई, मतदाता सूची और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज होने के संकेत हैं।
