बकाया सारा टैक्स जमा कराएं, शत प्रतिशत ब्याज की छूट पाएं
सहारनपुर। भवन स्वामियों पर बकाया (सम्पत्तिकर) गृहकर, जलकर एवं सीवरकर की वसूली के लिए प्रदेश शासन के निर्देश पर नगर निगम द्वारा 15 अगस्त से एक मुश्त समाधान योजना लागू की जायेगी। योजना के अंतर्गत लंबित बकाया टैक्स जमा कराने पर करदाताओं को ब्याजध्सरचार्ज पर शत प्रतिशत छूट दी जायेगी।
यह छूट उन भवन स्वामियों को ही दी जायेगी जो बकाया सम्पत्ति कर ( गृहकर, जलकर व सीवरकर) एक मुश्त जमा करायेंगे। योजना का लाभ एक अप्रैल 2026 तक के लंबित बकाया पर प्रदान किया जायेगा। योजना के तहत आवेदन 14 नवंबर तक ही लिए जायेंगे। करदाताओं की सुविधा के लिए यह भी व्यवस्था की गयी है कि करदाता अपना टोटल बकाया तीन किश्तों में भी जमा करा सकते हैं, लेकिन यह तीनो किश्त करदाता को 15 दिसंबर से पूर्व जमा करानी होंगी तभी उसे शतप्रतिशत ब्याज की छूट का लाभ मिल सकेगा। नगरायुक्त शिपू गिरि ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आज समस्त जोनल अधिकारियों एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर योजना के सम्बंध में जानकारी दी और समावेशी दृष्टिकोण एवं पारदर्शिता अपनाने के निर्देश दिए। 15 अगस्त से शुरु की जा रही एक मुश्त समाधान योजना की समयावधि 04 माह यानि 15 दिसम्बर 2026 तक निर्धारित है।
नगर आयुक्त ने कहा कि एक मुश्त समाधान योजना (वन टाइम सेटलमेंट योजना) किसी भी नगर निगम के लिए कई वर्षों में एक बार आने वाली योजना है। उन्होंने करदाताओं एवं अधिकारियों से इस योजना का अधिकतम उपयोग करने की अपील करते हुए करदाताओं से समयबद्धता के साथ बकाया कर जमा कराने पर जोर दिया। नगरायुक्त ने योजना के आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही प्राप्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और आवेदनों का त्वरित निस्तारण भी होगा। उन्होंने बताया कि नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम कार्यालय एवं समस्त जोन कार्यालयों में विशेष डेस्क बनाए जाएंगे जहां निगम का स्टाफ तकनीकी रूप से असमर्थ करदाताओं की सहायता कर उनके ऑनलाइन आवेदन भरवाने में मदद करेगा। उन्होंने योजना की सभी प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता बरतने पर बल देते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चेतावनी दी कि कोई भी अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारीध्कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नगरायुक्त ने योजना का लाभ सभी करदाताओं तक पहुंचाने के लिए सबसे पहले विवादित कर निर्धारण के मामलों एवं म्यूटेशन संबंधी वादों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए ताकि उन संपत्तियों का भी बकाया कर जमा कराया जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से उन डिफॉल्टर एवं बड़े बकायेदारों पर फोकस करने के निर्देश दिए जिन्होंने अभी तक अपने बकाया कर जमा नहीं किए हैं। उन्होंने बोगस बिलों की पहचान कर उनका अपडेशन करने को भी कहा।
नगरायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी पात्र करदाता इस योजना से वंचित न रहे, इसके लिए सभी करदाताओं से डूर टू डोर संपर्क करने, करदाताओं को बल्क मैसेज के जरिये योजना की जानकारी एवं इसके लाभ से अवगत कराने तथा जनप्रतिनिधियों एवं पार्षदों को योजना से अवगत कराते हुए उनके माध्यम से अधिक से अधिक करदाताओं तक योजना की जानकारी पहुंचाने के भी निर्देश दिए। बैठक में अपर नगर आयुक्त प्रदीप यादव, सहायक नगरायुक्त जे पी यादव व बिकास धर दुबे, कर निर्धारण अधिकारी श्रुति महेश्वरी कर अधीक्षक सुधीर शर्मा व आशुतोष गुप्ता के अलावा समस्त राजस्व निरीक्षक उपस्थित रहे।
