मदरसों पर केशव मौर्य के बयान से बढ़ा विवाद, पटना में लोगों ने जताई नाराजगी

मदरसों पर केशव मौर्य के बयान से बढ़ा विवाद, पटना में लोगों ने जताई नाराजगी
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

पटना/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। उनके बयान के बाद बिहार की राजधानी पटना में भी लोगों ने नाराजगी जताई और इसे समुदाय विशेष को निशाना बनाने वाला बताया।

पटना के समनपुरा स्थित एक मदरसे के बाहर स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान कई लोगों ने कहा कि मदरसों को लेकर इस तरह की टिप्पणियां वास्तविकता से परे हैं और राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित प्रतीत होती हैं। उनका कहना था कि मदरसों में धार्मिक और आधुनिक शिक्षा दी जाती है तथा यहां पढ़ने वाले छात्र समाज की मुख्यधारा में अपनी भूमिका निभाते हैं।

स्थानीय निवासी रोस आलम ने कहा कि मदरसों को आतंकवाद से जोड़ना गलत है और ऐसे बयान देने से पहले संस्थानों की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझना चाहिए। वहीं शमसाद खान ने कहा कि मदरसों में अच्छी शिक्षा दी जाती है और राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह के बयान नहीं दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी संकट में सभी समुदायों के लोग समान रूप से योगदान देते हैं।

दरअसल, केशव प्रसाद मौर्य ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि दुनिया के विभिन्न देशों के मदरसों को देखने पर वे उन्हें आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं के रूप में देखते हैं। उनका यह बयान बांग्लादेश में मदरसों को लेकर लेखिका Taslima Nasrin की टिप्पणियों के संदर्भ में आया था।

मौर्य के बयान पर विपक्षी दलों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी के विधायक Atul Pradhan ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान अन्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए दिए जा रहे हैं। वहीं Arshad Madani ने मदरसों को आतंकवाद से जोड़ने वाली टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं।

मदरसों को लेकर दिया गया यह बयान अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है और विभिन्न संगठनों व नेताओं की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।