योगी सरकार में पढ़ाई का सपना अब आसान, छात्रों की कर रही है मदद

योगी सरकार में पढ़ाई का सपना अब आसान, छात्रों की कर रही है मदद

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार शिक्षा को सामाजिक सशक्तीकरण का सबसे मजबूत माध्यम मानते हुए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए लगातार ऐतिहासिक कदम उठा रही है. बीते नौ वर्षों (2017-18 से 2025-26) में पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 1.39 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है.

सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक अभाव किसी भी मेधावी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने. चाहे प्राथमिक शिक्षा हो या उच्च शिक्षा, पात्र छात्रों को निर्बाध सहयोग मिले. इस दिशा में सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है.

तकनीकी सुधारों ने बदली तस्वीर

ओटीआर (One Time Registration), बायोमेट्रिक सत्यापन, एस-कोड वैलिडेशन और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसी व्यवस्थाओं के कारण अब छात्रवृत्ति सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है. इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है और पात्र लाभार्थियों तक समय पर मदद पहुंचना सुनिश्चित हुआ है.

वर्ष-वार आंकड़े

पूर्वदशम( प्री मैट्रिक) छात्रवृत्ति के तहत 2017-18 में 4,16,860, 2018-19 में 5,24,426, 2019-20 में 5,41,386, 2020-21 में 3,62,511, 2021-22 में 3,20,390, 2022-23: 3,86,139, 2023-24: 3,74,963, 2024-25: 4,11,797 और 2025-26 में 4,39,647 छात्रों को लाभ मिला है.

वहीं दशमोत्तर(पोस्ट-मैट्रिक) छात्रवृत्ति के तहत 2017-18 में 12,80,515, 2018-19 में 11,43,804, 2019-20 में 13,60,376, 2020-21 में 8,02,648, 2021-22 में 12,29,471, 2022-23 में 9,42,939, 2023-24 में 10,35,766, 2024-25 में 11,76,281 और 2025-26 में 11,54,567 छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ मिला है.

इन योजनाओं से लाखों छात्र अब उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और बेहतर रोजगार की ओर अग्रसर हो रहे हैं. समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि छात्रवृत्ति व्यवस्था में पारदर्शिता और समयबद्धता ने विद्यार्थियों के बीच शिक्षा के प्रति विश्वास बढ़ाया है.

योगी सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का सबसे मजबूत आधार है. अनुसूचित जाति/जनजाति के युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए यह योजना निरंतर विस्तारित की जा रही है. परिणामस्वरूप आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी छात्र अब बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं.

यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि समग्र सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है. सरकार का प्रयास है कि आने वाले वर्षों में और अधिक विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार करें.