शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह में PRAGYA–2026 स्थापना सप्ताह समारोह के अंतर्गत – बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक, वरिष्ठ छात्रों के लिए ओरिएंटेशन व औद्योगिक भ्रमण का आयोजन
गंगोह [24CN] : शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह में आज दिनाँक 23 जुलाई 2026 दिन बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय स्थापना दिवस एवं माननीय चेयरमैन डॉ. शोभित कुमार के जन्मोत्सव (जुलाई 24) के उपलक्ष्य में आयोजित “PRAGYA–2026 स्थापना सप्ताह समारोह” के अंतर्गत ‘एकेडेमिक एक्सीलेंस एंड फ्यूचर रेडीनेस: करिकुलम इनोवेशन, रिसर्च, एलुमनाई इंगेजमेंट, एंड इंस्टीटूशनल डेवलपमेंट’ थीम के अंतर्गत विश्वविद्यालय के सभी विभागों ने ओरिएंटशन कार्यक्रम, बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक, औद्योगिक भ्रमण एवं अन्य गतिविधियों का आयोजन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य द्वितीय वर्ष और उससे आगे के वरिष्ठ छात्र-छात्राओं को उनके आगामी शैक्षणिक एवं पेशेवर मार्ग के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम की शरुआत विश्वविद्यालय के श्री जे.पी. माथुर ऑडिटोरियम में सभी शिक्षकों एवं वरिष्ठ छात्र व छात्राओं के एकत्रीकरण के साथ हुई। इस अवसर पर सभी वरिष्ठ छात्र व छात्राओं को सम्बोधित करते हुए डीन एकेडमिक्स प्रो.(डॉ.) तरुण कुमार शर्मा ने शैक्षणिक नवाचारों एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया। तत्पश्चात परीक्षा नियंत्रक प्रो.(डॉ.) वरुण बंसल ने परीक्षा प्रणाली और आवश्यक शैक्षणिक नियमों से अवगत कराया, चीफ प्रॉक्टर प्रो.(डॉ.) भूपेंद्र चौहान ने अनुशासन, नैतिक मूल्यों और विश्वविद्यालय में उपलब्ध छात्र कल्याण सुविधाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला।

ऑडिटोरियम के कार्यक्रम के पश्चात, सभी वरिष्ठ छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय प्रांगण में राष्ट्रीय ध्वज के समक्ष एकत्रित हुए। इस अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) बी.एस. सिद्धू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपना ऊर्जावान एवं प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रदान किया। कुलपति ने अपने उद्बोधन में छात्रों को विश्वविद्यालय की दूरगामी सोच, अकादमिक उत्कृष्टता और सतत विकास के लक्ष्यों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य चरित्र निर्माण, नवाचार और समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को निर्वहन करना है। तत्पश्चात कुलपति ने विश्वविद्यालय के पुरातन छात्रों से वार्ता करते हुए उनके अनुभवों को जाना तथा विश्वविद्यालय के समग्र विकास, शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार एवं वैश्विक पहचान को सुदृढ़ करने के लिए उनके बहुमूल्य सुझाव आमंत्रित किए।

तत्पश्चात संबंधित विभागों के स्तर पर कई महत्वपूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के अंतर्गत सभी विभागों ने छात्र व छात्राओं के साथ अपनी ‘विभागीय यात्रा और भविष्य हेतू रोडमैप’ प्रस्तुत किया, जिसमें छात्रों को उनके विभाग के विकास और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही छात्रों के साथ ‘पाठ्यक्रम संबंधी’ चर्चा’ की गई, ताकि वे अपने वर्तमान और नवीन पाठ्यक्रम की बारीकियों को गहराई से समझ सकें। इस अवसर पर ‘पुरातन छात्र वार्ता’ का भी आयोजन किया गया, जहां पूर्व छात्रों ने अपने पेशेवर अनुभव साझा कर वर्तमान छात्रों का मार्गदर्शन किया। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित ‘बोर्ड ऑफ स्टडीज’ की बैठक में आमंत्रित विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के साथ विश्वविद्यालय के सभी विभागों के शिक्षकों ने भौतिक रूप से सहभागिता करते हुए पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता, नवाचार एवं शैक्षणिक उन्नयन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो.(डॉ.) बी.एस. सिद्धू कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह विशेष रूप से शामिल रहे।

इस अवसर पर कार्यक्रम में सभी विभाग के शिक्षकगण सक्रिय रूप से सम्मिलित रहे एवं कार्यक्रम के सफल संचालन में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया।

