NEET पर संसद में फिर टकराव, खड़गे बोले- ‘पहले शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा’; नड्डा ने विपक्ष को बताया गैर-जिम्मेदार
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में NEET UG 2026 पेपर लीक का मुद्दा लगातार गरमाया हुआ है। बुधवार को राज्यसभा में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष चर्चा चाहती है तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पहले इस्तीफा देना चाहिए। वहीं, केंद्रीय मंत्री एवं सदन के नेता जेपी नड्डा ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
खड़गे की मांग- पहले इस्तीफा, फिर चर्चा
राज्यसभा में NEET पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि शिक्षा मंत्री के पद पर रहते हुए इस मामले पर निष्पक्ष चर्चा संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “यदि सरकार वास्तव में निष्पक्ष बहस चाहती है, तो शिक्षा मंत्री पहले इस्तीफा दें। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक निष्पक्ष चर्चा नहीं हो सकती।”
नड्डा का विपक्ष पर पलटवार
खड़गे के बयान के बाद सदन के नेता जेपी नड्डा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन का रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है और उसका व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
नड्डा ने कहा, “संसद में विपक्ष का लोकतंत्र-विरोधी आचरण साफ दिखाई दे रहा है। संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और जनता के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। हम NEET पेपर लीक सहित सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष बहस से बचने की कोशिश कर रहा है।”
रिजिजू बोले- सरकार चर्चा के लिए तैयार
इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि मानसून सत्र के पहले दिन से ही सरकार सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, “हम शुरुआत से ही NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं और आज भी तैयार हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को भी यह बात स्पष्ट रूप से बताई गई है। चर्चा किस प्रकार होगी, इसका निर्णय सदन की कार्यवाही और चेयर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक के बाद लिया जाएगा।”
रिजिजू ने विपक्ष पर शर्तें रखकर चर्चा टालने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा चाहती है ताकि देश को यह बताया जा सके कि मामले में सरकार ने अब तक कौन-कौन से कदम उठाए हैं।
उन्होंने दोहराया कि जैसे ही सभापति चर्चा की अनुमति देंगे, सरकार पूरी गंभीरता के साथ बहस में हिस्सा लेने के लिए तैयार है।
