संसद मार्च में पुलिस कार्रवाई पर ओवैसी का सरकार पर हमला, बोले- ‘जो हुआ वह बेहद गलत, पुराने घटनाक्रम भी याद कीजिए’

संसद मार्च में पुलिस कार्रवाई पर ओवैसी का सरकार पर हमला, बोले- ‘जो हुआ वह बेहद गलत, पुराने घटनाक्रम भी याद कीजिए’
asaduddin-owaisi

नई दिल्ली। संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष का हमला लगातार तेज होता जा रहा है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान जो कुछ हुआ, वह बेहद गलत था और सरकार को बल प्रयोग के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए था।

मंगलवार को मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि संसद मार्च के दौरान सामने आए वीडियो कई सवाल खड़े करते हैं। उनके अनुसार, किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं माना जा सकता।

पुराने आंदोलनों का भी किया जिक्र

ओवैसी ने कहा कि देश में पहले भी कई बड़े आंदोलन हुए हैं, जिनमें कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। उन्होंने किसान आंदोलन और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन घटनाओं को भी भुलाया नहीं जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया परिसर में पुलिस कार्रवाई हुई थी। ओवैसी ने कहा कि उस समय छात्रों के साथ हुई घटनाओं को आज भी लोग याद करते हैं और सरकार को ऐसे मामलों से सबक लेना चाहिए।

‘सरकार को पहले ही करनी चाहिए थी बातचीत’

AIMIM प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा द्वारा CJP प्रतिनिधियों से हुई मुलाकात पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब प्रदर्शन कई सप्ताह से जारी था, तो सरकार ने पहले पहल क्यों नहीं की। उनके मुताबिक, यदि समय रहते संवाद स्थापित किया जाता तो हालात इस स्तर तक नहीं पहुंचते।

ओवैसी ने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत से निकल सकता है और सरकार को विरोध कर रहे छात्रों एवं प्रतिनिधियों से पहले ही संवाद करना चाहिए था।

चंद्रशेखर आजाद से भी की मुलाकात

ओवैसी ने बताया कि उन्होंने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से भी मुलाकात की, जो प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना और उनका लोकतांत्रिक तरीके से समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि संसद मार्च के दौरान सामने आए वीडियो देखकर कोई भी निष्पक्ष व्यक्ति समझ सकता है कि स्थिति कितनी गंभीर थी। ओवैसी ने सरकार से अपील की कि वह छात्रों के मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करे और संवाद के जरिए समाधान निकाले।