खड़गे का मोदी सरकार पर निशाना: ‘Galwan के बाद China पर बढ़ी निर्भरता, आत्मनिर्भर भारत का दावा हुआ कमजोर’
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर चीन को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद बीते छह वर्षों में सरकार ने भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों से समझौता किया, जिसके चलते भारतीय अर्थव्यवस्था के कई अहम क्षेत्रों में चीन की निर्भरता बढ़ गई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक पोस्ट में खड़गे ने कहा कि गलवान में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन को “क्लीन चिट” दे दी थी। उनका दावा है कि इसके बाद फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में चीन से आयात लगातार बढ़ा है, जो सरकार की आर्थिक और रणनीतिक नीतियों की विफलता को दर्शाता है।
खड़गे ने कहा, “छह साल पहले गलवान में हमारे 20 वीर सैनिकों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। सैनिकों ने शहादत को चुना, लेकिन मोदी सरकार ने भारत के हितों के साथ समझौता किया।”
‘चीन से आयात और व्यापार घाटा बढ़ा’
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि गलवान संघर्ष के बाद से भारत का चीन पर आयात निर्भरता काफी बढ़ी है। उनके अनुसार, वर्ष 2025-26 तक चीन से आयात में 101.81 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 112.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
फार्मा और EV सेक्टर को लेकर उठाए सवाल
खड़गे ने कहा कि भारत के एंटीबायोटिक आयात का लगभग 86 प्रतिशत हिस्सा चीन से आता है। वहीं, वर्ष 2024-25 में एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट (API), बल्क ड्रग्स और ड्रग इंटरमीडिएट्स के कुल आयात में चीन की हिस्सेदारी करीब 74 प्रतिशत रही।
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि भारत में इस्तेमाल होने वाले EV पार्ट्स का 66 प्रतिशत आयात चीन से होता है। इसके अलावा भारतीय EV में उपयोग होने वाली लगभग 75 प्रतिशत लिथियम-आयन बैटरियां आयातित हैं, जिनमें अधिकांश चीन से आती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2025-26 में भारत ने 93 प्रतिशत परमानेंट मैग्नेट चीन से आयात किए।
सोलर सेक्टर में भी चीन पर निर्भरता का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने सौर ऊर्जा क्षेत्र को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2025-26 में भारत द्वारा आयात किए गए अनडिफ्यूज्ड सिलिकॉन वेफर्स का 99 प्रतिशत से अधिक हिस्सा चीन से आया। उनके अनुसार, सोलर सेल निर्माण के लिए यह एक महत्वपूर्ण कच्चा माल है और इससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दावे पर सवाल खड़े होते हैं।
सरकारी परियोजनाओं में चीनी कंपनियों को लेकर भी घेरा
खड़गे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने चीन से जुड़ी चार कंपनियों को सरकारी बिजली परियोजनाओं में बोली लगाने की अनुमति देने के लिए प्रतिबंधों में ढील दी है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने उद्योगपति मित्रों के हितों को प्राथमिकता देते हुए चीनी कंपनियों के लिए रास्ता आसान बना रही है।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से खड़गे के इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
