पूर्वोत्तर में बाढ़ का कहर, उत्तर भारत में लू का प्रकोप जारी; जानिए मानसून कहां तक पहुंचा
नई दिल्ली, 30 जून। देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज एक-दूसरे से बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। जहां पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप अब भी जारी है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आने वाले दिनों में मानसून के तेजी से आगे बढ़ने और कई राज्यों में राहत भरी बारिश की संभावना जताई है।
पूर्वोत्तर में भारी बारिश से तबाही
पूर्वोत्तर भारत में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। कई इलाकों में सड़कें और पुल बह गए, जबकि हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। अरुणाचल प्रदेश के कम से कम 12 जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, धीमाजी जिले के चार राजस्व मंडलों के 69 गांवों में लगभग 16 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने ली हालात की जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से फोन पर बातचीत कर भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
इसके अलावा, गृह मंत्री ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से भी बातचीत कर राज्य में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार को राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई है।
दिल्ली में लू का कहर, तापमान 42 डिग्री के पार
राजधानी दिल्ली में सोमवार को भी भीषण गर्मी का असर बना रहा। अधिकांश मौसम केंद्रों पर अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार, सफदरजंग केंद्र पर अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। लगातार दूसरे दिन राजधानी की रात भी इस मौसम की सबसे गर्म रातों में शामिल रही।
हालांकि, शाम के समय दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ आई आंधी ने कुछ राहत पहुंचाई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
राजस्थान में भी गर्मी का प्रकोप बरकरार
राजस्थान में भी गर्मी का असर जारी रहा। श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जयपुर में पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं और इस सप्ताह राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
अगले दो-तीन दिनों में इन राज्यों में पहुंचेगा मानसून
आईएमडी के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है।
उत्तराखंड में अगले तीन से चार दिनों में तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी गर्मी से बेहाल लोग
पंजाब में भीषण गर्मी और उमस के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे राज्य की बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड के कई इलाकों में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में लू चलने तथा कुछ स्थानों पर भीषण लू पड़ने की संभावना जताई है।
हिमाचल में अचानक आई बाढ़ से संपर्क व्यवस्था प्रभावित
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में अचानक आई बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है। मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर बंद हो गया है, जबकि करीब एक दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
अधिकारियों के अनुसार, जिस्पा और झालमा नाला क्षेत्रों में आई बाढ़ के कारण कई मार्ग बाधित हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऊंची पहाड़ियों पर बर्फ पिघलने से जलस्तर अचानक बढ़ गया। जोबरंग पुल भी जलमग्न हो गया है।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीमें मशीनों के साथ लगातार मार्ग बहाली के कार्य में जुटी हुई हैं और प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
