यूपी में वोटर लिस्ट पर कांग्रेस का बड़ा आरोप, पीलीभीत सदर में 13,150 मतदाताओं के नाम बदलने का दावा, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के बाद अब कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यूपी कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने दावा किया है कि पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में 13,150 मतदाताओं के EPIC नंबर और सीरियल नंबर पहले जैसे रहने के बावजूद उनके नाम बदल दिए गए। कांग्रेस ने इस कथित गड़बड़ी से जुड़े दस्तावेज भी सामने रखे हैं।
राजेंद्र पाल गौतम ने जुलाई से सितंबर के बीच मतदाता सूची में हुए बदलावों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया इतनी गोपनीय तरीके से की गई कि संबंधित मतदाताओं को इसकी जानकारी तक नहीं हो सकी।
EPIC नंबर वही, लेकिन बदल गए मतदाताओं के नाम!
कांग्रेस प्रभारी ने सवाल उठाया कि जब कोई मतदाता अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम, पता और EPIC नंबर देखकर संतुष्ट हो जाता है, तो उसे कैसे पता चलेगा कि बाद में उसके रिकॉर्ड में बदलाव कर दिया गया है?
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति मतदान के दिन अपना वोटर आईडी कार्ड और अन्य पहचान पत्र लेकर मतदान केंद्र पहुंचता है, लेकिन मतदाता सूची में उसका नाम नहीं मिलता, तो वह अपने मतदान के अधिकार की रक्षा कैसे करेगा? ऐसी स्थिति में उसकी शिकायत कौन सुनेगा और उसके वोट के अधिकार की भरपाई कैसे होगी?
गौतम ने दावा किया कि पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में 884 ऐसे मतदाताओं के नाम भी सूची से हटा दिए गए, जो अब भी उसी क्षेत्र में रह रहे हैं और अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर चुके हैं। इसके अलावा 26 मतदाताओं के नाम जोड़े जाने को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।
क्या दूसरी विधानसभाओं में भी हुई गड़बड़ी?
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि यदि एक विधानसभा क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताएं सामने आ रही हैं, तो प्रदेश की अन्य विधानसभा सीटों की स्थिति क्या होगी?
उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची में कथित हेरफेर के जरिए किसी उम्मीदवार को हराने और किसी को जिताने की व्यवस्था तैयार की जा सकती है। कांग्रेस नेता ने इसे मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
सुप्रिया श्रीनेत ने मंत्री संजय गंगवार की तस्वीर दिखाकर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीलीभीत सदर से भाजपा विधायक और योगी सरकार में मंत्री संजय गंगवार की तस्वीर दिखाते हुए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी को चुनावी नतीजों से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि संजय गंगवार ने वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव महज 6,930 वोटों के अंतर से जीता था। वहीं, कांग्रेस की ओर से पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र संख्या 127 में 16 हजार से अधिक वोटों से जुड़ी कथित अनियमितताओं का दावा किया जा रहा है।
श्रीनेत ने सवाल उठाया कि जिस विधानसभा सीट पर जीत-हार का अंतर इतना कम रहा हो, वहां हजारों मतदाताओं के रिकॉर्ड में कथित बदलाव का मामला बेहद गंभीर है।
चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
सुप्रिया श्रीनेत ने चुनाव आयोग के टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर विभाग से जुड़ी सीमा खन्ना की तस्वीर दिखाते हुए भी कई आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से नाम हटाने, जोड़ने और बदलने के लिए इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। श्रीनेत के मुताबिक, ऐसी रिपोर्ट सामने आई हैं जिनमें DM, SDM, ADM और ERO स्तर के अधिकारियों ने सॉफ्टवेयर का एक्सेस नहीं होने की बात कही थी।
कांग्रेस प्रवक्ता ने गोवा से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों ने सत्यापन पूरा होने के बाद मतदाताओं के नाम सूची में जोड़ने के लिए सीमा खन्ना को कई ईमेल भेजे थे। इसके बावजूद कथित तौर पर संबंधित नाम सूची में नहीं जोड़े गए।
श्रीनेत ने सवाल उठाया कि यदि स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों के पास ही सॉफ्टवेयर का नियंत्रण नहीं है, तो मतदाता सूची में होने वाले बदलावों की जवाबदेही किसकी होगी?
यूपी में वोटर लिस्ट को लेकर बढ़ा सियासी टकराव
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी पहले से ही मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाती रही है। अब कांग्रेस के भी खुलकर सामने आने से यह विवाद और गहरा गया है।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से लगाए गए ये आरोप हैं। मतदाता सूची में कथित बदलावों और सॉफ्टवेयर से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि तथा चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है।
