किसानों के हितों पर ट्रेड डील भारी: हिमांशु चौधरी
- सहारनपुर में प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन देते भाकियू चढ़ूनी के पदाधिकारी।
सहारनपुर। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष हिमांशु चैधरी के नेतृत्व मे केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न देशों के साथ प्रस्तावित व्यापार (ट्रेड) समझौतों के विरोध मे जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा कि देश का किसान पहले से ही बढ़ती लागत, फसलों के उचित मूल्य का अभाव, प्राकृतिक आपदाओं और कर्ज के दबाव जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में प्रवेश देने से किसानों की स्थिति और कमजोर होने की आशंका है। भारत में खेती मुख्यतः आजीविका का साधन है, जबकि कई देशों में यह बड़े स्तर का व्यवसाय है। सस्ते आयातित उत्पादों के बाजार में आने से घरेलू फसलों के दाम प्रभावित होंगे और किसानों की आय पर सीधा असर पड़ेगा। संगठन ने आशंका जताई कि प्रस्तावित ट्रेड डील से बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे कृषि क्षेत्र में निजीकरण और कॉर्पोरेट नियंत्रण मजबूत हो सकता है। इससे किसानों की स्वायत्तता के साथ-साथ देश की खाद्य सुरक्षा पर भी असर पड़ने की बात कही गई है। जिलाध्यक्ष हिमांशु चैधरी ने कहा कि यदि सरकार किसानों के हितों की अनदेखी करते हुए ऐसे समझौते लागू करती है, तो किसान इसे अपने लिए डेथ वारंट मानेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर देशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस दौरान दीपक त्यागी, कार्तिक त्यागी, हिमांशु कपिल, हलीम, सुबोध सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे।
