अंकिता भंडारी मामले में अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर उठाए सवाल, कहा- शर्म हो तो…

अंकिता भंडारी मामले में अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर उठाए सवाल, कहा- शर्म हो तो…

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा नेता दुष्यंत गौतम में सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसा है. सपा मुखिया ने कहा कि अगर सीएम योगी ने जरा भी धर्म हैं तो एक आरोपी को राज्यपाल बनाए जाने के फैसले का उन्हें विरोध करना चाहिए. अगर वो चुप रहते हैं तो उनकी भी इसमें ख़ामोश सहमति रहेगी.

सपा मुखिया ने सीएम योगी से पूछा सवाल

अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा- ‘राज्यसभा की बात करनेवाले उप्र के मुख्यमंत्री जी में अगर रत्ती भर भी लाज-शर्म-हया हो तो भाजपा द्वारा बनाए गए सिक्किम के विवादित ‘राज्यपाल’ के बारे में बोलें. उत्तराखण्ड की बेटी के प्रति उप्र के मुख्यमंत्री जी का भी तो कोई दायित्व बनता है या नहीं. उत्तराखण्ड छोड़ आए तो क्या नैतिकता भी छोड़ आए हैं.

देखते हैं उप्र के मुख्यमंत्री जी की आवाज़ किसी बच्ची के साथ हुए पाप के ख़िलाफ़ निकलती है या भयभीत होकर उनकी घिग्घी बंध जाती है. हमारी उनसे अपील है कि यदि उनमें अंश मात्र भी धर्म है तो वो एक आरोपी को राज्यपाल बनाने के फ़ैसले का घोर विरोध करें। ये उनको सीधी चुनौती है, नहीं तो वो सदैव के लिए मौन धारण कर लें. फिर तो यही माना जाएगा कि इसमें उनकी ख़ामोश सहमति भी शामिल है.

दिल्ली का ड्रोन-दूरबीन तो सिक्किम तक नहीं देख पा रहा है देखते हैं उप्र के मुख्यमंत्री जी का बुलडोज़र वहाँ तक पहुँचाता है या नहीं. आज पूरे देश की हर बेटी और उनके माँ-बाप भाजपा के इस फ़ैसले से बेहद आक्रोशित हैं कि भाजपा ने घोर निंदनीय निर्णय लेते हुए अपने दल के एक ऐसे व्यक्ति को सिक्किम का राज्यपाल बनाया है जिसके घिनौने कुकृत्यों की वजह से एक बच्ची के साथ अन्याय हुआ और उसकी हत्या भी कर दी गई.

भाजपा बेशर्म अपराधियों का गिरोह है. उत्तराखण्ड की बेटी के साथ न्याय हो!’

बता दें कि उत्तराखंड में हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी की भूमिका में दुष्यंत गौतम का नाम सामने आया था. बीजेपी ने अब दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया है, जिसका विरोध देखने को मिल रहा है.

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