सॉफ्टवेयर का नाम पर खुद ही सुविधाओं पर डाका डाल रहा पीवीएनएल, शासन के आदेशों का उल्लंघन

 

उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने का दावा करने वाला पीवीवीएनएल खुद लोगों की सुविधाओं पर डाका डाल रहा है। सॉफ्टवेयर की गलती के नाम पर रोजाना करीब तीन लाख रुपये की छूट गटकी जा रही है। इससे न केवल उपभोक्ता अधिकारों का हनन हो रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक  आयोग के आदेश का भी उल्लंघन किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश की बिजली कंपनियों का राजस्व बढ़ाने और ईमानदार उपभोक्ताओं को लाभ देने के लिए नियत समय से पहले बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को बिल पर 1 फीसदी की छूट देने का प्रावधान किया था।

पीवीवीएनएल ने इसे अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर में भी अपग्रेड करा दिया था, लेकिन पिछले कई महीने से कंपनी के करीब 30 फीसदी उपभोक्ताओं को इस तरह की छूट ही नहीं मिल पा रही है, जो छूट बिल पर दिखाई जाती है वह अगले बिल में एरियर के रूप में फिर से जुड़कर आ जाती है।

 
 

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