Valentines Day 2020: रुड़की में विहिप और बजरंग दल ने कैफे में पकड़ा प्रेमी युगल, हंगामा

 

वेलेंटाइन डे का विरोध करते हुए विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक कैफे में एक प्रेमी युगल को पकड़ लिया और जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह मामला शांत किया। साथ ही दोनों को कोतवाली ले आई। यहां दोनों के परिजनों को बुलाकर उनके सुपुर्द कर दिया।

विहिप और बजरंग दल ने शुक्रवार को वेलेंटाइन डे का विरोध करने का ऐलान किया था। साथ ही वेलेंटाइन डे मनाने वाले प्रेमी युगल को चेतावनी दी थी। इसी कड़ी में विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शहर में घूमकर वेलेंटाइन डे मनाने वाले प्रेमी युगलों की तलाश की। इस बीच उन्हें सूचना मिली कि मालवीय चौक के पास एक कैफे में एक प्रेमी युगल बैठा है।

युवक मंगलौर और युवती रुड़की की रहने वाली

सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कैफे पर पहुंचे और दोनों को पकड़ लिया। दोनों के नाम पूछे तो अलग-अलग समुदाय के निकले। इस पर विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया।

सूचना मिलते ही गंगनहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत किया। पुलिस प्रेमी युगल को अपने साथ कोतवाली ले आई और दोनों के परिजनों को जानकारी दी। कोतवाली प्रभारी राजेश साह ने बताया कि दोनों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। युवक मंगलौर क्षेत्र का और युवती रुड़की की रहने वाली है।

वेलेंटाइन डे पर दिखा चेतावनी का असर

वेलेंटाइन डे के लिए बजरंग दल ने प्रेमी युगलों को चेतावनी दी थी। इस पर शुक्रवार को वेलेंटाइन डे पर शहर में सोलानी पार्क और कैफे में प्रेमी युगल नहीं दिखाई दिए। प्रेमी युगल ने चोरी छिपे अपने प्यार का इजहार कर वेलेंटाइन डे मनाया। इस बीच पुलिस भी अलर्ट रही। वेलेंटाइन डे पर कहीं कोई विवाद न हो इसे लेकर पुलिस गश्त करती रही।

यातायात नियमों की उड़ी धज्जियां

वैसे तो पुलिस और सीपीयू आम जनता को यातायात नियमों पढ़ाने का दम भरती है। इतना ही नहीं कानून का डर दिखाकर आम जनता को वर्दी की हनक दिखाती है। इतना ही नहीं हेलमेट न होने पर भारी भरकम चालान करती है।

एक भी बाइक सवार ने हेलमेट तक नहीं लगाया

लेकिन शुक्रवार को वेलेंटाइन डे पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शहर में सीपीयू और पुलिस के सामने यातायात नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई। सीपीयू के सामने ही यह लोग एक बाइक पर तीन-तीन बैठकर निकले।

इतना ही नहीं एक भी बाइक सवार ने हेलमेट तक नहीं लगा रखा था। बावजूद इसके सीपीयू मूकदर्शक बनकर नजारा देखती रही। ऐसे में सवाल यह है कि क्या सीपीयू और पुलिस नियम आम जनता के ऊपर जबरन थोपती है, या फिर बजरंग दल के सामने सीपीयू के नियमों की पाठशाला बंद हो गई।

 
 

Related posts

Top