तीस हजारी कोर्टः पुलिस-वकीलों में संघर्ष, आठ वकील और 20 पुलिसकर्मी घायल

 

खास बातें

-तीस हजारी कोर्ट परिसर में कार पार्क करने पर वकीलों और पुलिस के बीच भारी बवाल हो गया
-इस बवाल में एक एडीसीपी, दो एसएचओ सहित 20 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं
-गुस्साए वकीलों ने पुलिसकर्मियों को पीटने के साथ ही कोर्ट परिसर में खड़ी एक जिप्सी व 13 बाइकों सहित 17 वाहनों को आग के हवाले कर दिया

उत्तरी दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट परिसर में शनिवार दोपहर बाद लॉकअप के बाहर कार पार्क करने पर वकीलों और पुलिस के बीच भारी बवाल हो गया। गुस्साए वकीलों ने पुलिसकर्मियों को घेरकर उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। वकीलों की भीड़ बढ़ती देख पुलिसकर्मियों ने हवा में गोली चलाई, जो एक वकील को लग गई। इससे गुस्साए वकीलों ने पुलिसकर्मियों को पीटने के साथ ही कोर्ट परिसर में खड़ी एक जिप्सी व 13 बाइकों सहित 17 वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

पूरे मामले में एक एडीसीपी, दो एसएचओ सहित 20 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उधर, वकीलों ने अपने आठ साथियों के घायल होने की बात कही है। देर शाम तक कोर्ट परिसर में तनाव का माहौल था। वकीलों ने आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर केस दर्ज करवाने की मांग को लेकर सोमवार को निचली अदालतों में हड़ताल का एलान किया है।

दोपहर बाद करीब 3 बजे उस समय विवाद शुरू हुआ जब कोर्ट लॉकअप के बाहर जहां सरकारी वाहन पार्क होते हैं वहां एक वकील अपनी कार पार्क करने लगा। कोर्ट में पेशी के लिए कैदियों को लेकर आए तीसरी बटालियन के पुलिसकर्मियों ने वकील से कार कहीं और पार्क करने के लिए कहा तो इस बात पर उनके बीच कहासुनी हो गई, जो मारपीट तक पहुंच गई।

वकीलों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पीड़ित वकील व दो अन्य को लॉकअप में बंद कर पीटा। इसकी जानकारी मिलते ही लॉकअप के बाहर वकीलों की भीड़ ने हंगामा करते हुए पुलिसकर्मियों को खदेड़ना शुरू कर दिया।

आरोप है कि इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने हवा में गोली चला दी जो वकील विजय वर्मा के सीने में लगी। इसके बाद वकीलों की भारी भीड़ ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने कोर्ट परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों को पीटना शुरू कर दिया और पुलिस की आठ बसों में तोड़फोड़ कर दी। इसके साथ ही एक जिप्सी व 13 बाइकों सहित 17 वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

दो घंटे बाद पुलिस कोर्ट परिसर में दाखिल हो पाई

शाम करीब पांच बजे किसी तरह कोर्ट में दाखिल होकर पुलिसकर्मियों ने वकीलों को खदेड़ा। इसके बाद दमकल की गाड़ियां भी कोर्ट परिसर में दाखिल हो पाईं। देर शाम तक पुलिस के आलाधिकारी वकीलों को समझाने में लगे थे।

मीडिया कर्मियों से धक्का-मुक्की
गुस्साए वकीलों ने कवरेज कर रहे मीडिया कर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की करने के अलावा उनके मोबाइल छीन लिए। बाहर वीडियो बना रहे आम लोगों के मोबाइल भी छीन लिए गए। वकीलों का आरोप था कि उनके दो साथियों को गोली लगी है, जबकि कई महिला वकील भी चोटिल हुईं हैं।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बदसलूकी
बवाल की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरेंद्र सिंह व उपायुक्त मोनिका भारद्वाज मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी बदसलूकी की गई। कुछ समय के लिए वकीलों ने कोर्ट को पूरी तरह से घेर लिया।

वकील कोर्ट के अंदर व पुलिस बाहर मौजूद थी। हालात बिगड़ते देखकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आसपास के सभी थानों के अलावा दूसरे जिलों से फोर्स बुला ली। स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर नॉर्थ) संजय सिंह, संयुक्त आयुक्त मनीष कुमार अग्रवाल, आलोक कुमार समेत कई पुलिस उपायुक्त मौके पर पहुंचे।

कैदियों की सुरक्षा में छूटे पसीने

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को बवाल के दौरान लॉकअप में 100 से अधिक कैदी थे। उनकी सुरक्षा करने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस बल के आने तक लॉकअप को घेरे रखा। 5 बजे फोर्स अंदर दाखिल हुई और वकीलों को खदेड़ा गया।

इस बीच पूरी कोर्ट में अफरा-तफरी का माहौल रहा। कुछ वकील अपने चैंबर बंद कर चले भी गए, जबकि बड़ी संख्या में कोर्ट में मौजूद रहे। दूसरी ओर, कोर्ट परिसर में मौजूद जिन आम लोगों और मीडियाकर्मियों ने बवाल का वीडियो बनाने का प्रयास किया, उनके मोबाइल छीनकर तोड़ दिए गए। कुछ की पिटाई भी कर दी गई। शाम 6 बजे के बाद ही वकीलों को शांत किया जा सका। हालांकि देर रात तक कोर्ट में तनाव का माहौल बना था।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया की आपात बैठक आज

तीस हजारी कोर्ट में वकील विजय वर्मा को गोली लगने की घटना के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने पुलिस के रवैये की कड़ी निंदा की है। इस घटना को लेकर काउंसिल ने रविवार को वकीलों की आपात बैठक बुलाई है।

अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि कार पार्किंग जैसे मामूली मुद्दे पर पुलिस की ओर से वकील पर फायरिंग करना दर्शाता है कि उसका रवैया गैरजिम्मेदाराना और आपराधिक है। उन्होंने मांग की कि आरोपी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करके गिरफ्तार करना चाहिए, ताकि ऐसे आपराधिक पुलिसकर्मी खुले न घूम सकें। रविवार को इसी मुद्दे को लेकर वकीलों की आपात बैठक के लिए सूचना भेजी गई है।

इसके साथ ही बार ने सभी अदालतों के वकीलों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में कानून को अपने हाथ में न लें। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि इस घटना का न्यायपालिका के कामकाज पर कोई असर न पड़े। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो बार काउंसिल इसके विरोध में कदम उठाएगी।

 
 

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