केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में हो सकता है बड़ा इजाफा, ₹69 हजार तक पहुंच सकता है न्यूनतम मूल वेतन
नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। कर्मचारियों के न्यूनतम मूल वेतन में भारी बढ़ोतरी की मांग की गई है। मौजूदा न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है, जिसे बढ़ाकर ₹69,000 करने का प्रस्ताव कर्मचारी पक्ष की ओर से रखा गया है।
3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग
नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग के सामने 3.83 के फिटमेंट फैक्टर और ₹69,000 न्यूनतम मूल वेतन की मांग रखी है। हालांकि, यह कर्मचारी संगठनों की मांग है, सरकार की ओर से तय अंतिम वेतन नहीं।
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक होता है, जिसके आधार पर मौजूदा मूल वेतन को संशोधित वेतन में बदला जाता है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ था और न्यूनतम बेसिक पे ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हुआ था।
अभी कितना बढ़ेगा वेतन, यह तय नहीं
8वां केंद्रीय वेतन आयोग 3 नवंबर 2025 को गठित किया गया था और उसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग फिलहाल कर्मचारियों, संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव ले रहा है।
सरकार ने संसद में भी स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें आने और उन्हें स्वीकार किए जाने के बाद ही इसका वास्तविक वित्तीय प्रभाव पता चलेगा। इसलिए ₹68 हजार या ₹69 हजार का आंकड़ा अभी अंतिम सरकारी वेतन नहीं है, बल्कि कर्मचारी पक्ष की मांग/अनुमान से जुड़ा है।
अगर आयोग कर्मचारी संगठनों की मांग के अनुरूप फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन तय करता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
