MLC चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर सुधांशु त्रिवेदी का तंज, बोले- EVM हो या बैलेट पेपर, नतीजा जीरो ही रहेगा
राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर भाजपा का पलटवार, सुधांशु त्रिवेदी बोले- समस्या मतदान प्रक्रिया में नहीं, कांग्रेस की जनता का समर्थन हासिल करने की क्षमता में है
नई दिल्ली। विधान परिषद चुनावों के नतीजों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में एनडीए की जीत ने कांग्रेस के वोट चोरी और चुनावी धांधली के आरोपों की पोल खोल दी है। उन्होंने दावा किया कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी कांग्रेस अपना प्रभाव दिखाने में नाकाम रही है।
त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी असफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए लगातार चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रही है, जबकि वास्तविक समस्या पार्टी की जनता और मतदाताओं के बीच घटती स्वीकार्यता है।
बैलेट पेपर से चुनाव हुए, फिर भी कांग्रेस का प्रदर्शन शून्य
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक झूठ को इतना बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया कि अब वे खुद उसी में उलझ गए हैं। विधान परिषद चुनावों के नतीजों ने उनकी राजनीतिक रणनीति को झटका दिया है।
उन्होंने दावा किया कि कई राज्यों में हुए विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन शून्य रहा है। खास बात यह है कि इन चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स का इस्तेमाल किया गया था।
त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को यह बात भले ही अच्छी न लगे, लेकिन सच्चाई यही है कि वह शून्य पर खड़ी है। पार्टी बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में विफल रही है।
समस्या EVM में नहीं, कांग्रेस की राजनीतिक क्षमता में है
भाजपा नेता ने राहुल गांधी के चुनावी धांधली संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपनी हार के लिए मतदान प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह समझने को तैयार नहीं है कि समस्या EVM या बैलेट पेपर में नहीं, बल्कि मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की उसकी क्षमता में है।
त्रिवेदी ने दावा किया कि विधान परिषद चुनावों के परिणाम यह दर्शाते हैं कि मतदान का तरीका बदलने से कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं होने वाला है।
राहुल गांधी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर भी साधा निशाना
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि केवल आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने से जनता का समर्थन हासिल नहीं किया जा सकता।
उन्होंने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति भ्रम में जी रहा है या अपना मानसिक संतुलन खो चुका है, तो बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर भी नतीजा वही शून्य रहेगा।
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी करीब दो सप्ताह तक विदेश में घूमने के बाद अब देश की अर्थव्यवस्था में मुश्किलें पैदा करने के लिए विरोध प्रदर्शन की बात कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के साथ न तो जनता खड़ी है और न ही विधायक।
नितिन नबिन और अमित शाह का जिक्र कर राहुल गांधी को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने भाजपा और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की राजनीतिक सक्रियता की तुलना भी की।
उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबिन उत्तर प्रदेश के दौरे पर जा रहे हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब में सक्रिय हैं, जबकि राहुल गांधी वियतनाम में घूम रहे हैं।
त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि जब भाजपा के नेता लगातार जनता के बीच पहुंच रहे हैं, तब कांग्रेस नेतृत्व इस तरह की राजनीति करके जनता का समर्थन हासिल करने की उम्मीद कैसे कर सकता है?
वोट चोरी के आरोपों पर भाजपा-कांग्रेस में सियासी टकराव
गौरतलब है कि राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार चुनावी प्रक्रिया तथा कथित वोट चोरी को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। दूसरी ओर, भाजपा इन आरोपों को कांग्रेस की चुनावी हार से ध्यान भटकाने की राजनीतिक रणनीति बताती रही है।
अब विधान परिषद चुनावों के परिणामों को आधार बनाकर भाजपा ने कांग्रेस पर अपना हमला तेज कर दिया है। सुधांशु त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को चुनावी व्यवस्था पर आरोप लगाने के बजाय अपनी संगठनात्मक स्थिति और मतदाताओं के बीच कमजोर होती पकड़ पर विचार करना चाहिए।
हालांकि, किसी चुनाव में राजनीतिक दल की हार या जीत अपने आप में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता अथवा धांधली के आरोपों को साबित या खारिज नहीं करती।
