अखिलेश यादव और किरेन रिजिजू की बात के दावों के बीच सपा चीफ का बयान- उनके वादों पर क्या भरोसा करें?

अखिलेश यादव और किरेन रिजिजू की बात के दावों के बीच सपा चीफ का बयान- उनके वादों पर क्या भरोसा करें?
समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रमुख अखिलेश यादव

लोकसभा में तीन विधेयकों पर मतदान से पहले दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात की है. सूत्रों की मानें तो दोनों नेताओं के बीच 15 मिनट तक बात हुई है. इस बीच सपा प्रमुख का बयान सामने आया है.

सपा चीफ ने कहा कि सदन का जो माहौल लग रहा है, PDA के जो सांसद उधर बैठे हैं उनके मन का बहुमत हमारे साथ है. उनके(भाजपा) वादों पर क्या भरोसा करें? उन्होंने कई वादे किए. इसलिए उनके वादों पर कोई भरोसा नहीं किया जा सकता. भाजपा कुछ भी कर सकती है. अभी वोटिंग से पहले भी भाजपा कुछ भी कर सकती है.

संसद परिसर में सपा चीफ ने कहा कि PDA के जो सांसद उधर बैठे हैं उनके मन का बहुमत हमारे साथ है. बीजेपी ने अपने वादों पर टिकती है न इरादों पर, वह परिस्थितियों के हिसाब से कब बदल जाए पता नहीं लगता.

लोकसभा में क्या है विपक्ष का संख्या बल?

लोकसभा में संख्या बल को लेकर विपक्षी सूत्रों का दावा है कि उनके पास पक्के तौर पर मौजूद और मतदान करने वाले सांसदों की संख्या लगातार बढ़ रही है. कांग्रेस के 95, समाजवादी पार्टी के 37, डीएमके के 22 और टीएमसी के 20 सांसदों को मिलाकर यह आंकड़ा 174 तक पहुंचता है. विपक्ष का कहना है कि अगर एनडीए के पास 320 का आंकड़ा है, तो ऐसे में 174 सांसद भी संविधान संशोधन विधेयक को हराने के लिए पर्याप्त हो सकते हैं, बशर्ते सत्ता पक्ष में पूरी एकजुटता न रहे.

इसके अलावा विपक्षी खेमे में सीपीएम, सीपीआई, सीपीआई (एमएल), आरएसपी, आरजेडी, आम आदमी पार्टी, वीसीके, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी), केरल कांग्रेस, बीएपी और एमडीएमके जैसे दलों के सांसदों को जोड़ने पर संख्या और बढ़ती है. विपक्षी दलों का दावा है कि कुल मिलाकर 200 से अधिक सांसद सदन में मौजूद रहेंगे और मतदान में हिस्सा लेंगे, जिससे मुकाबला कड़ा होने की संभावना है.


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