SIR विवाद के बीच राहुल गांधी की ‘सत्यम् शिवम् सुन्दरम्’ पोस्ट, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले सियासी हलचल तेज
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के बीच जारी विवाद के बीच राहुल गांधी की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आ गई है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई से पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भगवान शिव से जुड़े धार्मिक प्रतीक त्रिपुंड की तस्वीर साझा करते हुए ‘सत्यम् शिवम् सुन्दरम्’ लिखा। इस पोस्ट को SIR विवाद और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के अभियान के संदर्भ में देखा जा रहा है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई होनी है। विपक्ष ने चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया और मतदाता सूची में संशोधन के तरीके पर सवाल उठाए हैं, जबकि आयोग ने एकतरफा फैसले लेने के आरोपों को खारिज किया है।
राहुल गांधी की पोस्ट में क्या है खास?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भगवान शिव के मस्तक पर अंकित होने वाले त्रिपुंड की तस्वीर साझा की। इसके साथ उन्होंने संस्कृत का प्रसिद्ध वाक्यांश ‘सत्यम् शिवम् सुन्दरम्’ लिखा।
SIR को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच जारी टकराव के दौरान आई इस पोस्ट को राजनीतिक और सांकेतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, राहुल गांधी ने इस पोस्ट के जरिए सुनवाई को लेकर कोई स्पष्ट संदेश दिया या नहीं, इसे लेकर अलग से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
राहुल गांधी की ‘तांडव’ टिप्पणी भी चर्चा में
चुनाव आयोग के खिलाफ राहुल गांधी लगातार सवाल उठाते रहे हैं। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए हैं। निर्वाचन आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
इससे पहले 11 अक्टूबर को राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की घोषणा की थी। उन्होंने विपक्षी दलों, नागरिक समाज संगठनों और आम लोगों से कथित वोट चोरी के खिलाफ अभियान में शामिल होने की अपील की थी।
राहुल गांधी ने इस आंदोलन को ‘तांडव’ नाम देते हुए कहा था कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को उठाना जारी रखेगा। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन INDIA के अन्य नेताओं ने SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि आयोग ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल एकतरफा और मनमाने तरीके से किया।
याचिकाकर्ताओं ने यह सवाल भी उठाया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े फैसले क्या अन्य चुनाव आयुक्तों की जानकारी और सहमति से लिए गए थे। इसके अलावा मतदाता पंजीकरण फॉर्म-6 में बदलाव, चुनावी डेटाबेस के संचालन और उचित नोटिस के बिना मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर भी चिंता जताई गई है।
विपक्ष ने यह सवाल भी उठाया है कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के बाद उन्हें दोबारा शामिल कराने के लिए पर्याप्त और प्रभावी व्यवस्था है या नहीं।
चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज
चुनाव आयोग ने फैसले लेने में एकतरफा रवैया अपनाने के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित तीनों आदेश तीनों सदस्यों की सर्वसम्मति से लिए गए थे।
इस तरह विवाद का मुख्य मुद्दा आयोग की निर्णय प्रक्रिया, SIR के तहत मतदाता सूची में किए जा रहे संशोधन और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा बना हुआ है।
सुनवाई पर टिकी राजनीतिक दलों की नजर
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान SIR प्रक्रिया की वैधता, चुनाव आयोग के अधिकारों और मतदाता सूची में संशोधन के तरीकों से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण रह सकते हैं। विपक्ष जहां पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं चुनाव आयोग अपने फैसलों का बचाव कर रहा है।
ऐसे में राहुल गांधी की ‘सत्यम् शिवम् सुन्दरम्’ पोस्ट ने इस राजनीतिक विवाद के बीच लोगों का ध्यान खींचा है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और आगे आने वाले घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ मतदाताओं की भी नजर रहेगी।
