SIR विवाद: राहुल गांधी की याचिका पर SC का नोटिस, CJI बोले- कोई धमका नहीं सकता
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और SIR को लेकर राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं की याचिका पर नोटिस जारी किया है, लेकिन कोर्ट ने उनके आचरण पर भी सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने कहा है, “एक याचिकाकर्ता को अपने आचरण की सफाई देनी होगी. हम इस याचिका पर नोटिस जरूर जारी कर रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनके आचरण पर हमने ध्यान नहीं दिया.”
माना जा रहा है कि कोर्ट का इशारा 12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट मार्च, सैकड़ों समर्थकों के साथ कोर्ट में दाखिल होने और समर्थकों की तरफ से नारेबाजी की तरफ था. इस बारे में कोर्ट में एक याचिका भी दाखिल हुई थी. उस पर जिरह करते हुए वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट को धमकाने की कोशिश की गई है.”
कोर्ट में आते ही बदल जाती है भाषा
भाटिया की बात का जवाब देते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “आप आश्वस्त रहिए, हमें कोई नहीं धमका सकता. हम सच्चाई से कटे हुए नहीं हैं. हम जानते हैं कि लोग बाहर कुछ बोलते हैं और कोर्ट में आकर उनकी भाषा बदल जाती है.” कोर्ट ने कहा कि वह उनकी याचिका पर नोटिस जारी कर रहा है.
कोर्ट को राजनीति का केंद्र बनाने पर नोटिस
कोर्ट ने साफ किया है कि फिलहाल यह नोटिस अवमानना के पहलू पर नहीं है. यह नोटिस राजनीतिक प्रदर्शन के लिए कोर्ट परिसर का इस्तेमाल रोकने से जुड़ी मांग को लेकर जारी किया जा रहा है. कोर्ट ने जिस याचिका पर नोटिस जारी किया है, उसमें केंद्र सरकार, सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली पुलिस के अलावा राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका वाड्रा, महुआ मोइत्रा, अखिलेश यादव, कांग्रेस और कांग्रेस की केरल इकाई को पक्ष बनाया गया है.
केरल कांग्रेस यूनिट को भी नोटिस
याचिका में केरल कांग्रेस के उस सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र किया गया है जिसमें चीफ जस्टिस को असम्मानजनक तरीके से संबोधित करते हुए इस्तीफा देने के लिए कहा गया था. याचिकाकर्ता का आरोप है कि महुआ मोइत्रा ने भी चीफ जस्टिस के बारे में एक अमर्यादित पोस्ट किया था.
सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की तरफ से कोर्ट परिसर में एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने का मामला भी उठा. याचिकाकर्ता के वकील गौरव भाटिया ने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की. कोर्ट ने कहा कि वह प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और राजनेताओं के मार्च समेत सभी तरह के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दे रहा है.
