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इन राज्यों में आज से खुलेंगे स्कूल और यहां रहेंगे बंद, ये होगी गाइडलाइन

 

नई दिल्‍ली: सरकार ने अनलॉक 4.0 (Unlock-4.0) में देश में 9वीं से 12वीं क्‍लास के छात्रों के लिए ऐहतियात के साथ स्‍कूल खोलने की मंजूरी दे दी है। यानी सोमवार (21 सितंबर) से छात्र एक बार फिर स्‍कूलों का रुख कर सकेंगे, जो कि कोरोना महामारी के चलते पिछले कई महीनों से बंद थे। हालांकि वही छात्र स्‍कूल जा सकेंगे, जिनके घर कंटेनमेंट जोन से बाहर हैं। इस दौरान छात्रों के लिए ऑनलाइन क्‍लासेस जारी रहेंगी। नई गाइडलाइंस जारी करते हुए गृह मंत्रालय ने कहा कि राज्‍य या केन्‍द्र शासित प्रदेश स्‍कूलों को 50 फीसदी टीचिंग स्‍टॉफ और 50 फीसदी छात्रों को स्‍कूल आने की अनुमति दे सकते हैं।

जानिए अपने राज्‍य की स्थिति
सरकार के इस निर्णय के बाद कई राज्यों ने आंशिक रूप से कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए स्‍कूल खोलने का फैसला किया है। लेकिन कई राज्‍यों ने अब भी स्‍कूल खोलने के निर्णय को टाल दिया है।
जानते हैं कि स्‍कूल खोलने को लेकर किस राज्‍य में क्‍या स्थिति रहेगी –

दिल्ली: देश की राजधानी दिल्‍ली ने भी इस फैसले से कुछ समय के लिए दूरी बनाते हुए 5 अक्टूबर तक के लिए स्‍कूल बंद रखे हैं। यह आदेश सभी स्‍कूलों पर लागू होंगे, चाहे वह सरकारी हों, निजी हों या दिल्‍ली कैंट के हों।
उत्तर प्रदेश: उत्‍तर प्रदेश ने स्‍कूल कब तक बंद रहेंगे, इस पर स्‍पष्‍ट तौर पर कुछ नहीं कहा है लेकिन उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने संकेत दिए हैं कि सितंबर में स्कूल व कॉलेज बंद रहेंगे। उन्‍होंने कहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 21 सितंबर से स्कूलों के आंशिक रूप से फिर से खुलने की संभावना बहुत ही कम है।
बिहार: यहां इस निर्णय पर आधा अमल किया गया है। 21 सितंबर से स्‍कूल अपने 50 फीसदी शिक्षकों और कर्मचारियों को बुला सकेंगे, वहीं 9वीं से 12वीं के छात्र गाइडेंस के लिए स्‍कूल जा सकेंगे। लेकिन राज्‍य में छात्रों के लिए स्‍कूल-कॉलेज 30 सितंबर तक बंद रहेंगे।

पंजाबः पंजाब सरकार ने साफ किया कि राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति के मद्देनजर अभी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर्स को शुरू नहीं किया जाएगा। गृह विभाग के विशेष मुख्य सचिव सतीश चंद्रा ने इस संबंध में आदेश जारी किया।
उत्तराखंड: इस राज्‍य ने भी कोरोना संक्रमण को देखते हुए फिलहाल स्‍कूल नहीं खोलने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा है कि जिस तरह मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए 30 सितंबर तक स्कूल पूरी तरह से बंद रहेंगे।
झारखंड: इस राज्‍य में भी सरकार 21 सितंबर से स्‍कूल खोलने के पक्ष में नहीं है।
मध्य प्रदेश: मप्र में 21 सितंबर से स्‍कूल खुल रहे हैं। इसके लिए स्‍कूल भी जोर-शोर से तैयारियां कर रहे हैं। स्‍कूलों को सैनिटाइज किया जा रहा है, जो कि दो शिफ्ट में लगेंगे।

राजस्थान: यहां अभी स्‍कूल नहीं खुलेंगे लेकिन कक्षा 9वीं से 12वीं तक छात्र अपने अभिभावकों की लिखित अनुमति से गाइडेंस के लिए स्‍कूल जा सकेंगे। शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि केन्‍द्र ने छात्रों को स्‍कूल जाने को कहा है ना कि क्‍लास लगाने का।
हरियाणा: हरियाणा सरकार ने 21 सितंबर से स्कूल खोलने की इजाजत दे दी है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए पत्र जारी कर सभी निर्देश भी दे दिए हैं।
गुजरात: यहां सरकार ने कहा है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए अभी स्‍कूलों को फिर से खोलने की अनुमति नहीं दी गई है।
केरल: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर ना तो सितंबर में और ना ही अक्टूबर में स्कूल-कॉलेज खोले जा सकते हैं।
आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश मे 21 सितंबर से स्कूल खुल रहे हैं। यहां 50 फीसदी टीचिंग स्‍टॉफ और कर्मचारी स्‍कूल आ सकेंगे और छात्र अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद कक्षा में बैठ सकेंगे।

स्कूल खोलने के लिए ये हैं मंत्रालय के दिशा-निर्देश-
-कंटेनमेंट जोन के बाहर के स्‍कूलों को ही खुलने की अनुमति मिलेगी।
-उन्‍हीं छात्रों को स्‍कूल आने की अनुमति मिलेगी, जिनके घर कंटेनमेंट जोन में न हों।
-स्‍कूलों को सैनिटाइज करना अनिवार्य होगा, खासकर जिन स्‍कूलों को क्‍वारंटीन सेंटर्स बनाया गया था।
-छात्रों के स्‍कूल आने पर गेट पर ही थर्मल स्‍क्रीनिंग करना और हैंड सैनेटाइज कराना होगा।
-कक्षाओं में सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन करना होगा।
-6 फीट की दूरी रखना अनिवार्य है।
-थूकने पर सख्त पाबंदी होगी।
-सभी शिक्षण संस्थानों को हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करने होंगे।
-स्‍कूल में सभी छात्रों, शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए मास्‍क लगाना अनिवार्य है।
-कमरों में वेंटिलेशन होना चाहिए।
-स्‍कूलों में शिक्षक ऑनलाइन क्‍लास भी लेंगे ताकि स्‍कूल न आने वाले छात्र भी पढ़ सकें।
-छात्र-शिक्षक एक-दूसरे के नोटबुक, पेन, पेंसिल आदि नहीं लेंगे।
-स्कूलों में प्रार्थनाएं, खेलकूद जैसी कोई गति‍विधियां नहीं होंगी।
-जहां तक संभव हो सभी लोग मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप रखें।

 
 

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