जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में आरपीसी खत्म, अब भारतीय दंड संहिता के तहत होगा न्याय

 

जम्मू कश्मीर और लद्दाख दोनों प्रदेशों में आज से इंडियन पैनल कोड (आईपीसी) के तहत आपराधिक मामले दर्ज होंगे। जम्मू कश्मीर और लद्दाख पुलिस अब अपने-अपने प्रदेश के लेफ्टिनेंट गवर्नर को रिपोर्ट करेगी। हालांकि जम्मू कश्मीर में फिलहाल अभी कुछ समय के लिए पुलिस के जो अफसर जहां तैनात हैं, वहीं पर तैनात रहेंगे। कार्यप्रणाली में कोई बदलाव नहीं होगा। आज से लद्दाख पुलिस भी अलग होगी।

हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि लद्दाख पुलिस किसको रिपोर्ट करेगी। सूत्रों की मानें तो दोनों प्रदेशों की पुलिस व्यवस्था फिलहाल जम्मू कश्मीर पुलिस के पास ही होगी। डीजीपी दोनों प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नर को रिपोर्ट करेंगे।

अब तक जम्मू कश्मीर और लद्दाख में रणबीर पेनल कोड (आरपीसी) के तहत केस दर्ज होते थे। आरपीसी में आईपीसी की तुलना में कुछ विशेष अधिकार थे, जो अब खत्म हो जाएंगे। अब तक प्रदेश में कोड आफ क्रिमिनल प्रोसीजर आरपीसी के तहत काम चलता था। अब आईपीसी के तहत चलेगा। जम्मू कश्मीर और लद्दाख के 227 थानों में यह व्यवस्था लागू होगी।

कानूनी तौर पर आईपीसी लागू

फिलहाल कार्यप्रणाली में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अफसर जहां तैनात हैं, वहीं पर रहेंगे। यह हाल फिलहाल की व्यवस्था है। जिसका पुनर्गठन एक्ट में भी जिक्र है। पूरी व्यवस्थाएं पटरी पर लाने के लिए एक साल तक समय निर्धारित किया गया है। रही बात आरपीसी की जगह आईपीसी की, तो कानूनी तौर पर अब आईपीसी के तहत ही केस दर्ज होंगे। कुछ दिनों के भीतर पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। -एके चौधरी, एडीजीपी, कोआर्डिनेशन, जेके पुलिस

लद्दाख पुलिस पर अब भी सस्पेंस 

आज से लद्दाख में कानूनी तौर पर अपनी पुलिस होगी। लेकिन यह पुलिस जम्मू कश्मीर पुलिस के अधीन रहेगी या फिर इसके लिए कोई अलग अधिकारी होगा? इस पर अभी सस्पेंस खत्म नहीं हुआ है। क्योंकि लद्दाख में सिर्फ दो जिले हैं। लेह और कारगिल जिलों में एसएसपी स्तर के अधिकारी हैं। जो इस समय कश्मीर के आईजी को रिपोर्ट करते हैं। लद्दाख पुलिस के लिए कोई अलग से पद नहीं सृजित किया गया है। किसी आईजी या डीआईजी की तैनाती नहीं हुई है। माना जा रहा है कि जब तक लद्दाख पुलिस का पूरी तरह से गठन नहीं होता, यह जेके पुलिस के अधीन ही काम करेगी।
 
 

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