रघुवीर शरण हाईस्कूल की प्रबंध समिति के चुनाव का विवाद गहराया

 

रामपुर मनिहारान/सहारनपुर। प्रमुख शिक्षण संस्था रघुवीर शरण हाईस्कूल की प्रबंध समिति के चुनाव का विवाद गहराता जा रहा है। प्रबंध समिति के कालातीत होने के तीन माह बाद 82 सदस्यों की सदस्यता का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद प्रबंधक गुट ने मनमाने तरीके से कथित चुनाव सम्पन्न करा लिया जिसे लेकर साधारण सभा के सदस्यों में रोष व्याप्त है।

गौरतलब है कि रामपुर मनिहारान की प्रमुख शिक्षण संस्था रघुवीर शरण हाईस्कूल की प्रबंध समिति विगत 12 अगस्त को कालातीत हो गई थी जिसके बाद प्रबंधक मनोज शर्मा ने प्रबंध समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार के कूटरचित फर्जी हस्ताक्षर बनाकर 42 नए सदस्यों की सूची जिला विद्यालय निरीक्षक से प्रमाणित करा ली थी जिसके खिलाफ प्रबंध समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार ने मनोज शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का मामला दर्ज कराया था जिसकी विवेचना सीओ नकुड़ द्वारा की जा रही है। इसके अलावा प्रबंध समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार ने इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। इसमें उच्च न्यायालय ने प्रबंधक मनोज शर्मा को चार सप्ताह के अंदर अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया था। आरोप है कि प्रबंधक मनोज शर्मा ने उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखने की बजाए अधिकारियों से सांठगांठ कर सुरेंद्र सिंह को चुनाव अधिकारी बनवाकर नियम विरूद्ध चुनाव करवा लिया।

आरोप है कि प्रबंधक मनोज शर्मा ने पुन: प्रबंधक बनने के साथ ही नियम विरूद्ध अपने चाचा शशिकांत शर्मा को प्रबंध समिति का उपाध्यक्ष व चचेरे भाई विकास शर्मा को प्रबंध समिति का सदस्य दर्शा दिया। जबकि नियमानुसार किसी भी संस्था में एक से अधिक पद पर एक परिवार के रक्त सम्बंधी सदस्य चुनाव नहीं लड़ सकते।

बताया जाता है कि प्रबंध समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने प्रबंधक मनोज शर्मा की हठधर्मिता व नियम विरूद्ध चुनाव प्रक्रिया के खिलाफ चुनाव अधिकारी व जिला विद्यालय निरीक्षक को प्रार्थनापत्र सौंपकर चुनाव के बहिष्कार की जानकारी दी। इसके बावजूद चुनाव अधिकारी द्वारा कथित रूप से चुनाव प्रक्रिया पूरी दर्शा दी गई। आरोप है कि चुनाव को वैध दर्शाने के लिए अनिल कुमार द्वारा चुनाव बहिष्कार के बावजूद अध्यक्ष पद पर उन्हें तीन मत मिलना दर्शा दिया गया, जबकि अनिल कुमार की चुनाव में उपस्थिति भी दर्ज नहीं है जिसे लेकर स्कूल की साधारण सभा के सदस्यों में रोष व्याप्त है।

 
 
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