डूबती अर्थव्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार: इमरान मसूद

 
Imran Masood सहारनपुर में पत्रकारों से वार्ता करते कांग्रेस के राष्ट्रीय एडवाइजरी कमेटी के सदस्य इमरान मसूद।

सहारनपुर। कांग्रेस की राष्ट्रीय एडवाइजरी कमेटी के सदस्य व पूर्व विधायक काजी इमरान मसूद ने कहा कि देश की डूबती अर्थव्यवस्था व बढ़ती बेरोजगारी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदार हैं। उन्होंने दावा कि कांग्रेस के दबाव में ही केंद्र सरकार ने आरसीईपी पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

पूर्व विधायक इमरान मसूद आज यहां गुरूद्वारा रोड स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय पर पत्रकारों के साथ वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश को खड़ा करने में और संस्थाओं को आत्मनिर्भर बनाने में जो वक्त लगा था उन संस्थाओं को अपने चहेते उद्यमियों को देकर खत्म करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2016 में डीएपी खाद का रेट 600 रूपए था अब उसे बढ़ाकर 1400 रूपए करने के साथ ही वजन घटाकर 45 किग्रा कर दिया गया है जबकि पिछले तीन सालों में गन्ना मूल्य में एक भी रूपए की बढ़ोत्तरी नहीं की गई तथा अभी तक धान खरीद की शुरूआत नहीं की गई है और जो किसान अपना धान हरियाणा बेचने जा रहा है उन्हें हरियाणा में घुसने नहीं दिया जा रहा है। इससे भाजपा सरकारों की किसान विरोधी नीतियों का पता चलता है।

श्री मसूद ने कहा कि सहारनपुर में ही गन्ना किसानों का 600 करोड़ रूपए बकाया है। अभी तक गन्ने की खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसान अपना गन्ना कोल्हुओं में 180 रूपए प्रति कुंतल बेचने को मजबूर है। धान किसानों का बुरा हाल है। धान की कीमत भी आधे से कम हो गई है, जबकि लागत बढ़ी है। इसके विपरीत चावल के दाम आसमान छू रहे हैं। गन्ना किसानों की लागत बढ़ रही है। इसके बावजूद मूल्य नहीं बढ़ाया जा रहा है, जबकि चीनी की कीमत पिछले तीन सालों में 10 रूपए प्रति किलो बढ़ गई है।

पूर्व विधायक श्री मसूद ने कहा कि संगठित क्षेत्रों में 90 लाख नौकरियां चली गई हैं और असंगठित क्षेत्रों में युवकों के बेरोजगार होने की संख्या करोड़ों में है। सरकारी संस्थाओं को नीलाम किया जा रहा है। देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने जो सपना 72 साल पहले किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का देखा था। साथ ही निर्यात करके उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का काम किया था, उन्हें खत्म किया जा रहा है। किसान अपने बच्चों को मुश्किल से पढ़ा रहा है, उन्हें पकोड़े तलने को कहा जा रहा है।

श्री मसूद ने कहा कि बैंकों की हालत किसी से छिपी नहीं है। आगामी दस दिनों में कांग्रेस जनता के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के दबाव में ही आरसीईपी पर हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की जनता को मंदिर-मस्जिद के नाम पर उलझाकर मुद्दों से मुंह छिपाया जा रहा है और मंदिर-मस्जिद के नाम पर हाईप तैयार की जा रही है और अधिकारी सरकार के कार्यक्रमों को ही आगे बढ़ा रहे हैं।

पत्रकार वार्ता के दौरान विधायक मसूद अख्तर, विधायक नरेश सैनी, जिलाध्यक्ष शशी वालिया, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष जावेद साबरी, पूर्व मंत्री शायान मसूद, संजीव कौशल, संजय वालिया, शिवकुमार सैनी आदि मौजूद रहे।

 

 
 
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