एक्सक्लूसिव: यूपी में बंदिशों के साथ शुरू हो सकेगी सार्वजनिक परिवहन सेवा, इन बातों का रखना होगा ध्यान

 

कोरोना संकट के चलते बंद पड़े सार्वजनिक परिवहन को लॉकडाउन खत्म होने या लॉकडाउन में ही कुछ बंदिशों के साथ चालू करने की कसरत शुरू हो गई है। सस्टेनेबल ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में काम करने वाले इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसपोर्ट एंड डेवलपमेंट पॉलिसी (आईटीडीपी) ने दुनिया के कई देशों के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अध्ययन के बाद गाइडलाइन तैयार की है।

कोरोना काल में तय की गई गाइडलाइन के अनुसार ही सार्वजनिक परिवहन का संचालन हो सकेगा। भारत में अगर बसों का संचालन नहीं होगा तो प्राइवेट गाड़ियां सड़कों पर बढ़ेंगी। इससे प्रदूषण बढ़ेगा। पीएम लेवल बढ़ने से कोरोना का खतरा और बढ़ जाएगा। ऐसे में जरूरी है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू हो।
यात्रियों के लिए

– न्यूज पेपर, सोशल मीडिया, पोस्टर और अन्य माध्यम से बस शेड्यूल की जानकारी दी जाए।
– बसों के अंदर, बस स्टॉप और टर्मिनल में सुरक्षा से जुड़ी गाइडलाइंस डिस्प्ले की जाए।
– बस स्टॉप पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए बसों के शेड्यूल व रनिंग स्टेटस की जानकारी दें।
– यात्रियों के लिए हेल्पलाइन बनाएं, व्हाट्सएप, एसएमएस से जानकारी दें।
– बस में यात्रा करने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य की जाए।
– टिकट लेने के लिए यात्री और बस कंडक्टर के बीच कॉन्टैक्ट न हो।
– बार-बार टिकट देने से बचने को पास बने। एक दिन, एक हफ्ते या फिर एक माह के लिए।
– बस के पास ऑनलाइन बेचे जाएं। कॉमन मोबिलिटी कार्ड की व्यवस्था हो।

ये भी हो
– हाई रिस्क यात्रियों, हेल्थ केयर वर्कर्स, सैनिटाइजेशन वर्कर्स के लिए अलग बस हो।
– मास्क पहनने और व सैनिटाइजर के इस्तेमाल के लिए कहा जाए।
– बस टर्मिनल पर मास्क पहने यात्रियों को बस में चढ़ने दिया जाए।
– सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो।
– बस में चढ़ने-उतरने के लिए अलग-अलग डोर का इस्तेमाल हो।
– बस में आवश्यकता से ज्यादा लोगों को न चढ़ने दिया जाए।
– बुजुर्ग, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए।
– बस में चढ़ने से पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग हो।

कर्मचारियों का भी रखें ध्यान
– स्टाफ डेवलपमेंट शेड्यूल बनाएं, सभी स्टाफ को इस बारे में बताएं।
– कर्मचारियों को हेल्थ केयर व इंश्योरेंस दें।
– सभी कर्मचारियों का तापमान चेक हो, कोविड-19 सिंप्टम्स वाले लोगों को काम पर न आने दिया जाए।
– ड्राइवर और कंडक्टर को एन-95 मास्क, ग्लव्ज और हैंड सैनिटाइजर दिया जाए।
– यात्रा शुरू करने से पहले ड्राइवर और कंडक्टर के हाथों को डिसइंफेक्ट किया जाए।
– हर ट्रिप से पहले कंडक्टर सुनिश्चित करे कि बस साफ हो और डिसइंफेक्ट की गई हो।
– हर दो-तीन घंटे में टर्मिनल के पब्लिक एरिया को डिसइंफेक्ट किया जाए।
– बस और टर्मिनल पर डिसइंफेक्ट की जानकारी दी जाए।
– एसी बसों में वेंटिलेशन की व्यवस्था हो, जिससे ताजी हवा आ सके।

कोरोना संकट के चलते सार्वजनिक परिवहन का स्वरूप बदल जाएगा। विभाग आईटीडीपी जैसी एक्सपर्ट एजेंसियों की गाइडलाइन को देख रहा है। सभी चीजों का ध्यान रखते हुए बसों का संचालन चुनौती है। रोडवेज की आपातकालीन सेवा जारी है। शासन का जो भी निर्देश होगा, उसका पालन होगा। – नीरज सक्सेना, आरएम, रोडवेज मेरठ रीजन

 

 
 

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