टिहरी बांध की बेजोड़ तकनीक के कायल हुए पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा, अधिकारियों को दी शाबाशी

 

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा रविवार को उत्तराखंड में निजी दौरे पर नई टिहरी पहुंचे। टिहरी बांध का भ्रमण कर उन्होंने टीएचडीसी के अधिकारियों से विद्युत उत्पादन,परियोजना निर्माण और बांध निर्माण से प्रभावित होकर गांवों के पुनर्वास के संबंध में जानकारी ली। टिहरी बांध के बारे में जानकर वे भी हतप्रभ रह गए।

जौलीग्रांट से पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा कार से ऋषिकेश होते हुए अपराह्न 1.15 बजे नई टिहरी भागीरथी पुरम टीएचडीसी अतिथि गृह पहुंचे। इसके बाद टीएचडीसी अतिथि गृह से पूर्व प्रधानमंत्री सीधे डैमटॉप व्यू प्वांट गए। वहां पर अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यहां पर भागीरथी और भिलंगना नदी का संगम था। वर्तमान में यहां पर टी-1 और टी-2 सुरंग है। यहीं से होकर अब पावर हाऊस में पानी जाता है। झील 42 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली हुई है।

अधिशासी निदेशक बड़ोनी ने बताया कि टिहरी बांध की झील में एक शहर और 125 गांव समाए हुए हैं जिनका पुनर्वास नई टिहरी, हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून में किया गया है। 1978 में शुरू हुई यह परियोजना 1988 में टीएचडीसी को हस्तगत की गई। परियोजना की शुरुआती लागत 6 सौ करोड़ आंकी गई लेकिन लोगों के पुनर्वास के बाद इस परियोजना पर कुल 19 हजार करोड़ खर्च हुए।

स्पिल-वे और कोटेश्वर बांध परियोजना के बारे में पूछा

पूर्व प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से बांध की तकनीक और विद्युत उत्पादन सहित स्पिल-वे, जलाशय और कोटेश्वर बांध परियोजना के बारे में पूछा। इसके बाद उन्होंने पावर हाउस का निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में टिहरी प्राजेक्ट से एक हजार मेगावॉट और कोटेश्वर बांध से 400 मेगावॉट विद्युत उत्पादन हो रहा है जबकि पीएसपी (पंप स्टोरेज प्लांट) निर्माणाधीन है। इसकी क्षमता भी एक हजार मेगावॉट की है। 2021 तक यह प्रोजेक्ट भी पूरा हो जाएगा जिसके बाद बांध से 2400 मेगावॉट विद्युत उत्पादन होगा।

बांध से विद्युत उत्पादन के अलावा सिंचाई और पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था भी उत्तराखंड, यूपी, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब राज्यों में की जा रही है। इलाहबाद में संपन्न हुए महाकुंभ में पर्याप्त पानी के लिए टिहरी बांध की भूमिका अहम रही। बताया कि 2021 में हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ के लिए भी बांध महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जानकारी के बाद उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए शाबाशी भी दी।

डैम भ्रमण के उपरांत पूर्व प्रधानमंत्री नई टिहरी से 3 बजे जौलीग्रांट हवाई अड्डे के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर एडीएम शिवचरण द्विवेदी, टीएचडीसी के जीएम (ओएंडएम) सजीव आर, एजीएम वीर सिंह, सुरेश वर्मा आदि मौजूद रहे।

 
 
Top