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लॉकडाउन: रास्तों में फंसे यात्रियों को मिला रोडवेज बस का सहारा, लोगों ने ली राहत की सांस

लॉकडाउन: रास्तों में फंसे यात्रियों को मिला रोडवेज बस का सहारा, लोगों ने ली राहत की सांस

लॉकडाउन के दौरान काफी समय से ट्रेनें और बसें नहीं मिलने से परेशान और रास्तों में फंसे यात्रियों को रोडवेज बसों का सहारा मिला। सहारनपुर डिपो से 35 बसों का संचालन रास्तों में फंसे यात्रियों के लिए किया गया। शनिवार को दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहित अन्य जिलों के यात्री यहां से बसों से रवाना हुए।

दिल्ली के लाल कुआं के वसंत, लाल कुर्ती मेरठ के संतोष, मुजफ्फरनगर के शिव चौक निवासी विष्णु, मोदीनगर के अशोक कुमार, रोहटा (मेरठ) के संदीप सहित अन्य यात्रियों ने बताया कि वे यमुनानगर, जगाधरी और सहारनपुर की फैक्ट्रियों में काम करते हैं। मगर पिछले काफी समय से न तो ट्रेन मिल रही हैं और न ही बसें। वे यहां की सड़कों पर ही इधर- उधर भटकते रहे। उनके कुछ साथी पैदल भी निकले हैं। अब इन बसों से बड़ी राहत मिली। इन यात्रियों को सैनिटाइज कर बसों से निकाला।

कुछ यात्रियों ने कहा यदि यह व्यवस्था एक सप्ताह पहले हो जाती तो इतनी परेशानी न उठानी पड़ती। इनके अलावा रायबरेली, कानपुर सहित कुछ अन्य जिलों के यात्री भी रहे, लेकिन इन्हें यहां से पहले दिल्ली तक ले जाया गया। रोडवेज एआरएम जगदीश सिंह ने बताया सहारनपुर डिपो की 35 बसों को रास्तों में फंसे यात्रियों के लिए संचालित किया है। ये बसें पहले दिल्ली जाती हैं। इस दौरान रास्तों के यात्रियों को लेकर उनके गंतव्यों तक पहुंचाती हैं। जब तक सभी यात्री कवर नहीं होंगे। तब तक यह सेवा जारी रहेगी।

आदमपुर से होकर निकले कई यात्री
यमुनानगर से सहारनपुर पहुंचे यात्री ब्रिजेश, संजीव, अशोक और शुभम ने बताया कि मेन हाईवे पर बार्डर से नहीं आ सकते थे। एक छोटे वाहन के सहारे आदमपुर होते हुए यहां आए, लेकिन पांच दिन से यहां सड़कों पर भटकते रहे। अब पहले स्टेशन आए और फिर बस अड्डे पर।


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