ध्यान से मानसिक तनाव दूर होता है: पुण्डीर

ध्यान से मानसिक तनाव दूर होता है: पुण्डीर
  • शिक्षक नगर स्थित शिव मन्दिर में योग करते साधक

देवबंद [24CN] : नगर के शिक्षक नगर स्थित शिव मन्दिर में चल रहे जीवन योग स्टूडियो के द्वारा जारी 4 दिवसीय निशुल्क योग शिविर के तीसरे दिन योग गुरू कुंवर विशाल पुंडीर ने साधको को चक्र आसन, भुजंग आसन, सर्प  आसन, सूर्य नमस्कार तथा प्राणायाम योग सिखाए।

योग कराते हुऐ उन्होने कहा कि योग शब्द के दो अर्थ हैं और दोनों ही अर्थ जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। पहला अर्थ है- जोड़ और दूसरा अर्थ है समाधि अर्थात ध्यान। जब तक हम अपने शरीर को योग से नहीं जोड़ते, तब तक ध्यान तक जाना संभव नहीं हैं। आनंद की सीढ़ी योग के दूसरे अर्थ ध्यान से शुरू होती है।

मेडिसन योगगुरु सददाम राजपुत ने शरीर शुद्धि के लिए षठकर्म क्रिया की जानकारी देकर जलनेति, सुत्रनेति का अभ्यास कराते हुए कहा कि आज के समय में जीवनयापन के लिए दिन-रात भाग-दौड़, काम का प्रेशर, रिश्तो में अविश्वास और दूरी आदि के कारण तनाव बहुत ही तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में मेडिटेशन से बेहतर और कोई विकल्प नहीं है। ध्यान से मानसिक तनाव दूर होता है और मन को गहन आत्मिक शांति महसूस होती है जिससे कार्य शक्ति में वृद्धि होती है, नींद अच्छी आती है, मन की एकाग्रता एवं धारणा शक्ति बढती है।

मंगलवार को शिविर में पंडित विपिन शर्मा, शुभलेश शर्मा, सरिता कपिल, कुमारी श्रेया कपिल, मुनेश त्यागी,  अशोक शर्मा एडवोकेट, संदीप पुंडीर, तुषार शर्मा, नवीन गुरू जी, नरेश कुमार एडवोकेट, बिजेंद्र यादव, संजय पुंडीर, हरिराम कश्यप, मनोज पुंडीर आदि योग साधक मौजूद रहे।


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