कमलेश तिवारी हत्याकांड: वायरल हो रहे मेसेज में अलहिंद ब्रिगेड नाम के संगठन ने ली जिम्मेदारी

 
  • सीतापुर के महमूदाबाद स्थित पैतृक गांव पहुंचा कमलेश तिवारी का शव, शुक्रवार को लखनऊ में हुई थी हत्या
  • सोशल मीडिया पर अलहिंद ब्रिगेड नाम के तथाकथित संगठन ने ली कमलेश तिवारी की हत्या की जिम्मेदारी
  • सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेश की सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है, पुलिस कर रही है हर ऐंगल से जांच
  • यूपी सरकार ने जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT बनाई, DGP का दावा- 48 घंटे में पकड़े जाएंगे हत्यारे

लखनऊ: यूपी की राजधानी में हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की दिनदहाड़े हत्या से तनाव का माहौल है। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक तथाकथित संगठन अलहिंद ब्रिगेड के नाम से एक मेसेज वायरल हो रहा है, जिसमें हत्या की जिम्मेदारी ली गई है। मेसेज में दावा किया गया है कि जो भी इस्लाम या मुस्लिमों पर उंगली उठाएगा, उसका यही अंजाम होगा। मेसेज की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यूपी पुलिस की भी जानकारी में यह मेसेज है और इसकी जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस ने घटना के पीछे आपसी रंजिश का शक जाहिर किया है। ऐसे में यह भी हो सकता है कि वायरल मेसेज के पीछे सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोई साजिश हो।

सोशल मीडिया में अलहिंद ब्रिगेड नाम के संगठन ने ली जिम्मेदारी
अलहिंद ब्रिगेड के मेसेज में कमलेश तिवारी की तस्वीर लगी हुई है। इसमें लिखा गया है, ‘कमलेश तिवारी राह का कांटा था और जो कोई भी इस्लाम और मुस्लिमों की तरफ उंगली उठाएगा, उसका यही अंजाम होगा। अलहिंद ब्रिगेड जिम्मेदारी लेता है। और ज्यादा देखने के लिए तैयार हो जाओ। युद्ध शुरू हो गया है।’ वॉट्सऐप पर वायरल हो रहे संदेश में इस तथाकथित संगठन ने कहा है, ‘अलहिंद ब्रिगेड कमलेश तिवारी की हत्या की जिम्मेदारी लेता है, जिसने इस्लाम और मुस्लिमों को बदनाम किया था।’ बता दें कि कमलेश तिवारी ने पूर्व में पैगंबर मोहम्मद साहब को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। अलहिंद ब्रिगेड नाम के इस संगठन का किसी वैश्विक आतंकी संगठन से कोई रिश्ता है या नहीं, फिलहाल यह नहीं पता चल पाया है। इस बीच, पुलिस का कहना है कि वह हर ऐंगल से जांच कर रही है।

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(पोस्टमॉर्टम के बाद कमलेश तिवारी के शव को पहले हिंदू समाज पार्टी के दफ्तर ले जाया गया। बाद में शव को वहां से सीतापुर के महमूदाबाद स्थित उनके पैतृक गांव ले जाया गया।)

सीतापुर में पैतृक घर पहुंचा कमलेश का शव
पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार देर रात कमलेश तिवारी का शव सीतापुर के महमूदाबाद स्थित उनके पैतृक गांव ले जाया गया। कमलेश के परिजनों में गम के साथ-साथ गुस्सा भी है। परिजनों की जिद है कि जबतक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद उनके घर नहीं आते, तबतक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इसके अलावा परिवार के सदस्यों के लिए सरकारी नौकरी की भी मांग की गई है।

जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT बनाई गई
लखनऊ के घनी आबादी वाले नाका हिंडोला इलाके में शुक्रवार को हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की दिनदहाड़े हत्या से इलाके में तनाव है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी सरकार ने लखनऊ के पुलिस महानिरीक्षण एस. के. भगत की अगुआई में 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। लखनऊ के पुलिस अधीक्षक (अपराध) दिनेश पुरी और एसटीएफ के क्षेत्राधिकारी पीके मिश्र इस टीम के अन्य सदस्य होंगे।

पत्नी की तहरीर पर 2 के खिलाफ नामजद FIR
कमलेश की पत्नी किरण की तहरीर पर इस मामले में मुफ्ती नईम काजमी और अनवारुल हक और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। किरण का आरोप है कि काजमी और हक ने वर्ष 2016 में कमलेश का सिर कलम करने पर क्रमशः 51 लाख और 1.5 करोड़ रुपए का इनाम घोषित किया था। इन्हीं लोगों ने साजिश कर उनके पति की हत्या कराई है।

कमलेश तिवारी मर्डर: सामने आया CCTV फुटेज

हत्या से पहले हत्यारों ने साथ में चाय भी पी
जिन लोगों ने कमलेश की हत्या की वह उनकी जान पहचान के बताए जाते हैं। वारदात से पहले उन लोगों ने उसके साथ करीब आधा घंटा गुजारा था। यूपी के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि कमलेश को पिछले कई महीनों से सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही थी। घटना के समय एक सुरक्षाकर्मी कमलेश के घर के नीचे तैनात था जिसने हत्यारों को रोका और कमलेश से पूछ कर ही उन्हें घर के अंदर जाने दिया। हो सकता है कि हत्यारों ने फर्जी नामों का इस्तेमाल किया हो।

पुलिस के हाथ लगे सीसीटीवी फुटेज समेत अहम सुराग
डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर कुछ अहम सुराग मिले हैं। पुलिस को कुछ कॉल डीटेल्स भी पता चले हैं। मामले की पड़ताल के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं। साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स की भी मदद ली जा रही है। सिंह ने कहा कि वारदात के बाद नाका हिंडोला इलाके में कानून व्यवस्था की कुछ समस्या हुई थी लेकिन अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अगले 48 घंटों के दौरान हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह वारदात व्यक्तिगत रंजिश का मामला लगता है। नाका हिंडोला के थाना अध्यक्ष सुजीत कुमार दुबे ने बताया कि वारदात के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी दिखाई दी मगर कानून व्यवस्था खराब होने की नौबत नहीं आई।

साजिश का हिस्सा है भगवा कुर्ता, सूरत स्थित मिठाई की दुकान का डिब्बा?
सीसीटीवी फुटेज में दोनों हत्यारे भगवा रंग के कुर्ते में नजर आ रहे हैं। देखने से लग रहा है कि कुर्ता एकदम नया है। आशंका है कि हमलावरों ने कुर्ते के नीचे शर्ट या टीशर्ट पहन रखी थी। पुलिस को शक है कि मेन रोड पर पहुंचने के बाद बदमाशों ने कुर्ता उतार दिया होगा। हत्यारे मिठाई के डिब्बे में हथियार छिपाकर लाए थे। मिठाई के डिब्बे पर सूरत स्थित स्वीट शॉप ‘धरती’ का नाम लिखा था। मौके पर हत्यारों ने डिब्बे के साथ-साथ स्वीट शॉप का कैश मेमो भी छोड़ गए हैं। दरअसल, 2 साल पहले एसटीएस अहमदाबाद ने आईएसआईएस के कुछ संदिग्धों को पकड़ा था, जिन्होंने कमलेश तिवारी को टारगेट करने की बात कही थी। इस संबंध में अखबार में प्रकाशित खबर को कमलेश ने ट्वीट भी किया था। ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही है कि हत्यारे गुमराह करने के लिए तो सूरत स्थित मिठाई शॉप धरती का डिब्बा और कैश मैमो तो मौके पर नहीं छोड़ गए।

 
 
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