काशी में स्वर्ण शताब्दी वैदिक धर्म महासम्मेलन आज से, निकलेगी शोभा यात्रा

 

भारत की पताका को संपूर्ण विश्व में फहराने के लिए वेदों का ज्ञान आवश्यक है। महर्षि दयानंद सरस्वती के काशी में शास्त्रार्थ के 150 साल पूरे होने पर स्वर्ण शताब्दी वैदिक धर्म महासम्मेलन का आयोजन किया गया है। 11 से 13 अक्तूबर तक होने वाले वैदिक धर्म महासम्मेलन में वैदिक व्याख्यान, शास्त्रार्थ, यज्ञ के अलावा वेदों से जुड़े प्रश्नों का उत्तर दिया जाएगा।

सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान सुरेश आर्य और दिल्ली प्रतिनिधि सभा के महामंत्री सतीश चढ्ढा ने गुरुवार को रामनाथ चौधरी शोध संस्थान वाटिका में प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नरिया स्थित रामनाथ चौधरी शोध संस्थान वाटिका में आयोजित वैदिक धर्म महासम्मेलन के मुख्य अतिथि सिक्किम के राज्यपाल गंगाप्रसाद, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और महाशय धर्मपाल होंगे।

शुक्रवार को कार्यक्रम का शुभारंभ धर्म ध्वजारोहण के साथ होगा। तीन दिनों तक प्रवचन, भजन, प्राणायाम, ध्यान योग, यज्ञ, व्याख्यान, शास्त्रार्थ के साथ ही गुरुकुलों के छात्र-छात्राओं एवं आर्यवीर दल का प्रदर्शन होगा। 13 अक्तूबर को कार्यक्रम का समापन विशाल शोभायात्रा के साथ होगा। यह यात्रा कार्यक्रम स्थल से निकलकर दुर्गाकुंड स्थित आनंदबाग में समाप्त होगी।

10 हजार से अधिक लोग पहुंचे काशी
स्वर्ण शताब्दी वैदिक धर्म महासम्मेलन में शामिल होने के लिए उत्तर भारत और हैदराबाद के कई जिलों से प्रतिनिधि काशी पहुंच चुके हैं। आर्य प्रतिनिधि सभा के उपप्रधान ज्ञानेंद्र गांधी, महामंत्री स्वामी धर्मेश्वरानंद और जिला प्रतिनिधि प्रमोद आर्य ने बताया कि अभी तक 10 हजार लोग काशी पधार चुके हैं।

महासम्मेलन के लिए कार्यक्रम स्थल पर भव्य पंडाल और यज्ञशाला का निर्माण कराया गया है। ध्वजारोहण और यज्ञ की अग्नि प्रज्ज्वलित कर महासम्मेलन का शुभारंभ होगा। कार्यक्रम में सीकर के सांसद स्वामी सुमेधानंद, डॉ. सतपाल सिंह, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. नीलकंठ तिवारी, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रवींद्र जायसवाल, महापौर मृदुला जायसवाल और विधायक सौरभ श्रीवास्तव भी शामिल होंगे।

 
 

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