देवबंद से फर्जी चिकित्सक गिरफ्तार, पिछले दस वर्षों में कर चूका है 70 हजार आपेशन

 
dr rajesh
  • पुलिस ने 15 दिनों की कडी जॉच के बाद डा0 राजेश शर्मा को गिरफ्तार

देवबंद [डॉ शिबली इकबाल/खिलेंद्र गाँधी]। पुलिस ने 15 दिनों की कडी जॉच के बाद सोमवार को प्रातः शिवम नर्सिंग होम, तलहेडी चुंगी से फर्जी चिकित्सक राजेश शर्मा उर्फ ओमपाल शर्मा मूल निवासी बागपत को गिरफ्तार कर लिया।

एसपी देहात विद्यासागा मिश्र ने अपने कार्यालय पर आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस मे बताया कि पकडा गया फर्जी चिकित्सक राजेश शर्मा पिछले 10 वर्षों से नागल व देवबंद मे प्रेक्टिस कर रहा है।

बताया कि इसका असली नाम ओमपाल शर्मा है और यह बागपत का रहने वाला है। राजेश शर्मा ने कर्नाटक मेडिकल कालेज से चिकित्सक बने डा. राजेश आर. की डिग्री पर अपना फोटों लगाकर स्वयं सर्जन बन गया। इस फर्जी चिकित्सक ने अपनी दस वर्ष की प्रेक्टिस मे सत्तर हजार आप्रेशन किये है। उन्होने बताया कि मिली शिकायत के आधार पर जांच पूरी होने के बाद डा0 राजेश शर्मा को तलहेडी चुंगी स्थिति उसके नर्सिंग होम से सुबह साढे सात बजे गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने चिकित्सक राजेश को धारा 420 फर्जी डिग्री बनाने, फर्जी चिकित्सक बनाकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने आदि मे गिरफ्तार किया है।

 

देवबंद क्षेत्र मे ओर भी हो सकते है फर्जी चिकित्सक

देवबंद: फर्जी चिकित्सक राजेश शर्मा उर्फ ओमपाल शर्मा के पकडे जाने के बाद अब यह संभावना व्यक्त की जाने लगी है, नगर में और भी हो फर्जी चिकित्सक सकते है।

नगर व क्षेत्र मे इस समय सैकडों चिकित्सक है जिनके पास मरीजों की भीड लगी रहती है। बीमार तथा उसके परिजन आम तौर पर एक ही चिकित्सक के पास आम तौर पर ईलाज कराने के लिए जाते है। दूसरे चिकित्सक के यहाॅ मरीज तभी जाते है, जब उनको बीमारी मे आराम न हो रहा हो। नगर मे पिछले कुछ वर्षों मे कई चिकित्सक आये तथा कुछ ने अपने अस्पताल भी खोले है, नगर मे आने वाले सभी चिकित्सक अपने आपको एमबीबीएस ही बताते है। कुछ चिकित्सक अपने नाम के आगे एमडी लिखते है। आम आदमी कोई हो, वह बोर्ड पर लिखी डिग्री को देखकर ही प्रभावित होकर अपना या अपने प्रियजन का इलाज कराता है। आमतौर पर लोगों और मीडियाॅ मे झोला छाप चिकित्सकों की जाॅच किये जाने की बाते होती है और समय-समय पर शिकायतों के आधार पर जाॅच भी होती है। नगर मे कई चिकित्सक विदेश से पढकर आये है और अपने अस्पताल खोल कर इलाज कर रहे है। मगर चिकित्सक राजेश शर्मा ने तो फर्जी डिग्री वो भी एमबीबीएस सर्जन के आधार पर देवबंद सीएससी मे नौकरी पायी अपना शिवम नर्सिंग होम भी खोल लिया।

राजेश शर्मा ने देवबंद से पहले नागल मे अस्पताल खोला था, वहॉ चिकित्सक राजेश शर्मा पर हमला हुआ था और इसके बाद यह फर्जी चिकित्सक देवबंद आ गया था। यहॉ यह भी विचारणीय है, कि चिकित्सक राजेश को संविदा पर बिना डिग्री जॉच के कैसे और किसने रखकर मानव जीवन से खिलवाड़ किया है इसकी भी जॉच भी होनी चाहिए ? नगर व क्षेत्र मे जनता को लूटने वाले तमाम चिकित्सकों की डिग्रियों को उनके विश्वविद्यालयों से सत्यापित कराना चाहिए ? जॉच का विषय यह भी है, कि चिकित्सक राजेश शर्मा को अपना अस्पताल खोलते ही आयुष्मान भारत के कार्ड बनाने के लिए भी अधिकृत कर दिया गया।

इतना ही नही उसके अस्पताल शिवम नर्सिंग होम को आयुष्मान भारत के अन्तर्गत इलाज करने को भी अधिकृत कर दिया गया था। इस प्रकार राजेश शर्मा ने चारो ओर से खूब धन बटोरा। राजेश शर्मा बडा चालाक व्यक्ति था, उसने अपने चारों ओर कुछ खास लोगों का दायरा बनाया हुआ था, जो उसकों बुलन्ददियों पर ले जाने मे बढ चढ कर भाग ले रहे थे। अभी कुछ समय पूर्व ही जब मुख्यमंत्री जनपद मे आये थे तो उन्होने चिकित्सक राजेश शर्मा को सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सम्मानित किया था। चिकित्सक राजेश शर्मा के विरुद्ध धारा 420 समेत कई गम्भीर धाराओं मे मुकदमा लिखकर, उसे जेल भेज दिया गया है। अब देखना है, कि स्वास्थ्य विभाग अन्य चिकित्सकों की डिग्रियों की भी जॉच करता है या नही ?

 

 
 
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