कोविड-19 के संक्रमण के चलते रेलवे ने रद्द कीं सारी ट्रेनें, सिर्फ मालगाड़ी चलेगी

 
  • रेलवे ने 31 मार्च रात 12 बजे तक के लिए सभी ट्रेनें रद्द कर दी हैं, सिर्फ मालगाड़ी चलेगी
  • पीएम मोदी ने भी कल ट्वीट में इस बात का जिक्र किया था कि ट्रेनों में काफी भीड़ हो रही है
  • सब अर्बन ट्रेनों और कोलकाता मेट्रो रेल की न्यूनतम सेवाएं जो बहुत जरूरी हैं, वह 22 मार्च रात 12 बजे तक जारी रहेंगी
  • रद्द की गई ट्रेनों में जिन यात्रियों ने बुकिंग की थी वह 21 जून 2020 तक अपने पैसे रिफंड ले सकते हैं

नई दिल्ली: कोरोना वायरस का प्रकोप कितना बढ़ चुका है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इतिहास में पहली बार रेलवे ने कई दिनों के लिए ट्रेनें रद्द कर दी हैं। रेलवे ने 31 मार्च रात 12 बजे तक के लिए सभी ट्रेनें रद्द कर दी हैं। सिर्फ मालगाडी चलेगी। कोरोना से बचाने के लिए ये अभूतपूर्व कदम उठाया गया है। पीएम मोदी ने भी कल ट्वीट में इस बात का जिक्र किया था कि ट्रेनों में काफी भीड़ हो रही है। उन्होंने लोगों से ये भी कहा था कि आखिर क्यों जा रहे हैं, जहां पर हैं वहीं पर रहिए।

रेलवे की तरफ से कहा गया है कि कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए रेलवे ने ये फैसला किया है कि सभी ट्रेनें रद्द की जाएं। हालांकि, सब अर्बन ट्रेनों और कोलकाता मेट्रो रेल की न्यूनतम सेवाएं जो बहुत जरूरी हैं, वह 22 मार्च रात 12 बजे तक जारी रहेंगी।

ये भी साफ किया गया है कि जिन ट्रेनों ने आज यानी 22 मार्च को 4 बजे तक अपनी यात्रा शुरू कर दी है वह अपने गंतव्य तक पहुंचने तक चलेंगी। यानी ये उनका आखिरी फेरा होगा और इसके बाद वह 31 मार्च रात 12 बजे बाद ही चलेंगी। जिन यात्रियों ने अपनी यात्रा शुरू कर दी है, उनके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं।

रेलवे ने कहा है कि मालगाड़ियां चलती रहेंगी, ताकि देश के तमाम हिस्सों में जरूरी चीजों की आपूर्ति होती रहे और लोगों की किसी चीज की कमी ना हो। रद्द की गई ट्रेनों में जिन यात्रियों ने बुकिंग की थी वह 21 जून 2020 तक अपने पैसे रिफंड ले सकते हैं। यात्रियों को उनके टिकट के पैसे देने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं, ताकि यात्रियों को कोई तकलीफ ना उठानी पड़े।

हर की पौड़ी कभी इतनी खाली देखी?

हर की पौड़ी कभी इतनी खाली देखी?

हरिद्वार पर जब भी जाओ पैर रखने की जगह नहीं होती। आज वहां इतना खाली-खाली था।
  • ​मरीना बीच खाली

    तमिलनाडु का मरीना बीच जनता कर्फ्यू के चलते बिल्कुल खाली।
  • ​गाजियाबाद में दुकानें बंद

    गाजियाबाद की फोटो। देखिए ऊपर से नीचे तक सभी दुकानें बंद
  • ​भरे रहनेवाले दिल्ली के बसअड्डे खाली

    दिल्ली में तीन ISBT हैं। तीनों पर रोज लाखों की संख्या में लोग होते हैं। लेकिन आज तीनों बिल्कुल खाली, सुनसान।
  • जहां रहती है भीड़, वहां न के बराबर लोग

    महाराष्ट्र का दादर रेलवे स्टेशन। यहां आमतौर पर भीड़-भाड़ रहती है। आज न के बराबर लोग। विजय प्रताप ने बताया कि हम यहां आने वाले लोगों की आईडी देखेंगे अगर वो मेडिकल वाले हैं, डॉक्टर हैं तो हम उनको जाने देंगे नहीं तो बाहर भेज देंगे।
  • राजस्थान में दुकान बंद, सड़कें खाली

    राजस्थान के श्री गंगानगर की तस्वीर। हर तरफ खाली रोड, दुकानें बंद
  • मणिपुर में खाली सड़क और पुलिस

    मणिपुर के इंफाल में खाली सड़कें। पुलिस लोगों को अंदर रहने की सलाह दे रही।
  • ​प्रयागराज में गलियों में भी लोग नहीं

    कोरोना वायरस के खौफ से प्रयागराज की गलियां भी खाली दिखीं।
  • दिल्ली मेट्रो के बाहर सन्नाटा

    कई शहरों में मेट्रो को आज बंद रखा गया है। दिल्ली मेट्रो के स्टेशन के बाहर पसरा सन्नाटा।
  • ​राजस्थान में दुकानें बंद

    राजस्थान के हनुमानगढ़ शहर की तस्वीर। जनता कर्फ्यू के दौरान बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मुख्य बाजार, सड़कें सूने नजर आए।
  • जम्मू कश्मीर की तस्वीर

    जनता कर्फ्यू के बाद डोडा में ऐसी स्थिति।
  • देहरादून में सन्नाटा

    जनता कर्फ्यू के चलते देहरादून की सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखा। जनता कर्फ्यू का असर शहर की सभी मंडियों तक पर नजर आया। सब्जी की दुकाने भी प्रधानमंत्री की अपील के समर्थन में बंद रही। कई दूध वाले भी नहीं आए।
  • रेलवे स्टेशन खाली

    झारखंड में रांची का रेलवे स्टेशन देखिए। बिल्कुल खाली।
  • कोलकाता की सड़क

मुंबई लोकल को पहले ही कर दिया था बंद
महाराष्ट्र में रविवार को कोरोना के 10 नए मामलों के सामने आने के बाद मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सर्विसेज को 31 मार्च तक बंद करने का ऐलान किया गया था। रेलवे की ओर से जनता कर्फ्यू के बीच मुंबई में कुल 60 पर्सेंट लोकल ट्रेनों का संचालन ही हो रहा था, जिन्हें रविवार रात 12 बजे तक ही चलाया जाना था।

पीएम मोदी ने ट्रेन यात्रों पर जताई थी चिंता
ट्रेन से लोगों के यात्रा करने पर पीएम मोदी ने भी चिंता जताते हुए ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था- कोरोना के भय से मेरे बहुत से भाई-बहन जहां रोजी-रोटी कमाते हैं, उन शहरों को छोड़कर अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। भीड़भाड़ में यात्रा करने से इसके फैलने का खतरा बढ़ता है। आप जहां जा रहे हैं, वहां भी यह लोगों के लिए खतरा बनेगा। आपके गांव और परिवार की मुश्किलें भी बढ़ाएगा।

मेरी सबसे प्रार्थना है कि आप जिस शहर में हैं, कृपया कुछ दिन वहीं रहिए। इससे हम सब इस बीमारी को फैलने से रोक सकते हैं। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर भीड़ लगाकर हम अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कृपया अपनी और अपने परिवार की चिंता करिए, आवश्यक न हो तो अपने घर से बाहर न निकलिए।

 
 
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